उज्जैन में ब्लैक फंगस से पहली मौत, आंख निकालने के बाद भी नहीं बच सकी जान

उज्जैन (Ujjain) में भी ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ गया है, जिसके बाद उज्जैन में ब्लैक संगत से पहली मौत हुई है।

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में एक तरफ जहां कोरोना (Corona) अपना कहर बरपा रहा है वहीं दूसरी तरफ म्यूकरमायकोसिस यानि ब्लैक फंगस (Black fungus) भी अपने पैर पसारता जा रहा है, इंदौर,भोपाल, जबलपुर के बाद अब उज्जैन (Ujjain) में भी ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ गया है, जिसके बाद उज्जैन में ब्लैक फंगस से पहली मौत हुई है।

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जानकारी के अनुसार उज्जैन के ऋषि नगर में रहने वाले 45 वर्षीय मोहम्मद इमरान 16 अप्रैल कोरोना पॉजिटिव हुए थे, उसके बाद उन्होंने खुद को घर में आइसोलेट कर लिया था। वही ज्यादा हालत खराब होने के बाद उन्हें 23 अप्रैल को उज्जैन के तेजनकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वहीं पर 27 अप्रैल को मोहम्मद की नाक में ब्लैक फंगस बीमारी के लक्षण देखने को मिले थे। जिसके बाद मोहम्मद को इंदौर के सीएचएल अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां 1 मई को उनकी पहली सर्जरी की गई और फिर दूसरी सर्जरी 5 मई को की गई। जिसमें इमरान की एक आंख को निकालना पड़ा लेकिन एक आंख निकालने के बावजूद भी संक्रमण कम नहीं हुआ और वह बढ़कर दूसरी आंख में भी चला गया। जिसके बाद उनके परिजन उसी हालत में मोहम्मद को वापस उज्जैन ले आए और तेजनकर हॉस्पिटल में दोबारा भर्ती करा दिया जहां पर मोहम्मद ने अपनी आखिरी सांसे ली। बता दें कि यह उज्जैन शहर का पहला मामला है जिसमे किसी व्यक्ति की ब्लैक संगत से मौत हुई है।

इस तरह करें ब्लैक फंगस के लक्षणों की पहचान
नाक बंद होना, आंख और नाक के पास दर्द और लाल होना, बुखार, सर दर्द, खांसी, सांस फूलना और खून की उल्टियां होना, मानसिक रूप से अस्वस्थ होना,कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा होना आदि।

इस तरह करें बचाव
विशेषज्ञों की मानें तो यह कम ऑक्सीजन में पनपता है, इसलिए नाक से सांस लें, शुगर लेवल को मेंटेन रखें। शरीर में साफ सफाई रखें, खासकर मुंह की सफाई पर ध्यान दें और दिन में 3 से 4 बार कुल्ला करें।

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