मध्य प्रदेश : कानून का बनाया मजाक, महिला ने मध्य प्रदेश के 6 थानों में एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज कराई एफआईआर

एक महिला ने पांच पुरुषों तो वहीं दूसरी ने एक ही पुरुष को चंगुल में फंसाकर इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया, जहां पहली ने पांच बार वहीं दूसरी ने एक ही व्यक्ति पर 4 बार ज्यादती की एफआईआर कराई और साथ ही 7 बार ज्यादती और मारपीट के केस अलग-अलग थानों में दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश की राजधानी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दो महिलाओं ने एससी-एसटी एक्ट का गलत फायदा उठाकर लोगों से ठगी की है, जिसमें फेक रेप केस की धमकी भी शामिल है।

जानकारी के मुताबिक, एक महिला ने पांच पुरुषों तो वहीं दूसरी ने एक ही पुरुष को चंगुल में फंसाकर इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया, जहां पहली ने पांच बार वहीं दूसरी ने एक ही व्यक्ति पर 4 बार ज्यादती की एफआईआर कराई और साथ ही 7 बार ज्यादती और मारपीट के केस अलग-अलग थानों में दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी।

महिला ने एक पुरुष के खिलाफ ग्वालियर के भौड़ापुर थाना, यूनिवर्सिटी थाना, भोपाल के एमपी नगर थाना, ग्वालियर संभाग के हजीरे थाने में ज्यादती के 4 केस दर्ज कराए है।

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इसके चलते सलैया (कोलार) के एक परिवार को घर तक छोड़ना पड़ा है। परिवार को इसलिए घर छोड़कर जाना पड़ा, क्योंकि उन्होंने महिला को उसके घर के सामने कचरा फेंकने से मना किया था। इसके बाद महिला ने ज्यादती का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित परिवार को घर खाली कर यहां से जाना पड़ा और वह परिवार आज भी किराये के घर में रह रहा है।

इन महिलाओं के खिलाफ दिल्ली में पुरुषों के लिए काम करने वाली एक सक्रीय कार्यकर्ता दीपिका नारायण भारद्वाज ने मध्य प्रदेश के डीजीपी को ऐसे मामलों की जांच के लिए पत्र लिखा है। दीपिका ने बताया कि जबलपुर की एक महिला ने 6 पुरुषों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 के तहत पांच केस अलग-अलग तारीखों में दर्ज कराए हैं वहीं एक महिला ने ग्वालियर के बहोड़ापुर थाने में इरफान अब्दुल के खिलाफ ज्यादती का मामला दर्ज कराया है।