संसद परिसर में कांग्रेस का प्रदर्शन, हाथ में संविधान लेकर ली शपथ, राहुल गांधी बोले-संविधान पर आक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा, खड़गे ने PM Modi से किये सवाल

खड़गे ने कहा- पीएम नरेंद्र मोदी आप विपक्ष को नसीहत दे रहे हैं। 50 साल पुरानी इमरजेंसी की याद दिला रहे हैं, पिछले 10 साल के अघोषित इमरजेंसी को भूल गए जिसका जनता ने अंत कर दिया। लोगों ने मोदी जी के ख़िलाफ़ जनमत दिया है।

Atul Saxena
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Congress protest

Congress asked questions to PM Modi : 18वीं लोकसभा के पहले दिन की शुरुआत अंदाजे के तहत ही रही, पहले से ही हंगामे और प्रदर्शन की तैयारी किये बैठी कांग्रेस ने सहयोगी दलों के साथ सदन के बाहर प्रदर्शन किया, कांग्रेस ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति को लेकर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया और नारेबाजी की, कांग्रेस नेताओं ने संविधान हाथ में लेकर शपथ ग्रहण की, राहुल गांधी ने कहा हम संविधान पर आक्रमण बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे इसीलिए संविधान को हाथ में लारकर शपथ ली है, उधर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी के बयान पर सवाल किये और उनपर निशाना साधा

राहुल बोले – हम संविधान पर आक्रमण बर्दाश्त नहीं करेंगे 

जनता हमारे साथ थी लेकिन मोदी जी ने संविधान को तोड़ने की कोशिश की, इसीलिए आज सभी पार्टी के नेताओं ने एक होकर विरोध किया, जहाँ गांधी जी की प्रतिमा थी हमने वहां प्रदर्शन किया, मोदी जी ने उसे हटा दिया, बाबा साहब की प्रतिमा को भी हटा दिया, ये सभी डेमोक्रेटिक नोर्म्स को तोड़ रहे हैं इसलिए हमने यहाँ प्रदर्शन कियाउधर राहुल गांधी ने कहा जिस तरह पीएम मोदी और अमित शाह संविधान पर आक्रमण कर रहे हैं वो हम होने नहीं देंगे, बर्दाश्त नहीं करेंगे इसीलिए हमने शपथ लेते समय संविधान हाथ में लिया था, एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा,  हमारा सन्देश जा रहा हैं भारत के संविधान को कोई शक्ति छू नहीं सकती, उधर खड़गे ने मोदी द्वारा मीडिया से की गई बात पर भी सवाल उठाये

खड़गे का हमला – इसे कहते हैं, रस्सी जल गई, बल नहीं गया

खड़गे ने कहा – प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में customary शब्द आज ज़रुरत से ज़्यादा बोले,  इसे कहते हैं, रस्सी जल गई, बल नहीं गया। देश को आशा थी कि मोदी जी महत्वपूर्ण मुद्दों पर कुछ बोलेंगे, NEET व अन्य भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के बारे में युवाओं के प्रति कुछ सहानुभूति दिखाएंगे, पर उन्होंने अपनी सरकार की धाँधली व भ्रष्टाचार के बारे में कोई ज़िम्मेदारी नहीं ली। हाल ही में हुई पश्चिम बंगाल की रेल दुर्घटना के बारे में भी मोदी जी मौन साधे रहे। मणिपुर पिछले 13 महीनों से हिंसा की चपेट में है, पर मोदी जी न वहाँ गए और ना ही उन्होंने आज के अपने भाषण में ताज़ा हिंसा के बारे में कोई चिंता व्यक्त की है। असम व पूर्वोत्तर में बाढ़ हो, कमरतोड़ महँगाई हो, रुपया का गिरना हो, एग्जिट पोल, स्टॉक मार्केट घोटाला हो, अगली जनगणना लंबे समय से मोदी सरकार ने लंबित रखी है, जातिगत जनगणना पर भी मोदी जी बिलकुल चुप थे।

खड़गे का तंज – 10 साल की अघोषित इमरजेंसी को भूल गए मोदी 

खड़गे ने कहा- पीएम नरेंद्र मोदी आप विपक्ष को नसीहत दे रहे हैं। 50 साल पुरानी इमरजेंसी की याद दिला रहे हैं, पिछले 10 साल के अघोषित इमरजेंसी को भूल गए जिसका जनता ने अंत कर दिया। लोगों ने मोदी जी के ख़िलाफ़ जनमत दिया है। इसके बावजूद अगर वो प्रधानमंत्री बन गए हैं तो उन्हें काम करना चाहिए। “जनता को substance चाहिए slogan नहीं” – ये ख़ुद याद रखें। विपक्ष व INDIA जनबंधन संसद में Consensus चाहता है, हम जनता की आवाज़ सदन, सड़क और सभी के समक्ष उठाते रहेंगे। संविधान की रक्षा हम करेंगे, लोकतंत्र ज़िंदाबाद। 


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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