IRCTC : 25 मई को शुरू होगी गंगासागर यात्रा, EMI की भी सुविधा, LTC वाले भी उठा सकते हैं लाभ

IRCTC Kolkata Gangasagar Tour : गंगासागर की यात्रा बहुत जल्दी शुरू होने वाली है, IRCTC ने इसके लिए EMI की सुविधा भी दे रखी है, ये टूर भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन से होगा जिसमें यात्रियों के लिए लिमिटेड सीट हैं इसलिए यदि आपने बुकिंग नहीं कराई है तो जल्दी से करा लीजिये। टूर 25 मई को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से शुरू होगा।

गंगासागर सहित कुल 8 धार्मिक स्थलों की सैर का मौका 

इस टूर में यात्रियों को कुल 8 प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों के पर्यटन का मौका मिलेगा । IRCTC के मुताबिक यात्रियों को बैद्यनाथ धाम, गया, पुरी (जगन्नाथ पुरी), कोणार्क मंदिर,  गंगासागर, कोलकाता, वाराणसी, अयोध्या की सैर कराई जाएगी।

25 मई को शुरू होगा स्पेशल टूर 

IRCTC ने इस टूर का नाम “कोलकाता गंगासागर यात्रा बाय भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन” दिया है। टूर की शुरुआत आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से 25 मई को होगी, टूर 9 रात 10 दिन का है जिसका किराया केवल 17,008/- रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। किराये के लिए EMI की सुविधा भी दी गई है। अच्छी बात ये भी है कि जो कर्मचारी LTC की पात्रता रखते हैं वो भी इस यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं।

ये हैं बोर्डिंग और डी बोर्डिंग पॉइंट 

यात्रियों को भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन से टूर कराया जायेगा जिसके लिए बोर्डिंग और डी बोर्डिंग स्टेशन आगरा कैंट, ग्वालियर, वीरांगना लक्ष्मीबाई, उरई, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या कैंट और काशी/बनारस निर्धारित किये गए हैं। यदि आप भी इस टूर का हिस्सा बनना चाहते हैं तो जल्दी से अपनी सीट रिजर्व करवा लीजिये।

ट्रेन में कुल 767 सीटें 

गंगासागर यात्रा पर लेकर जा रही भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन में कुल 767 सीट ही हैं जिसमें कम्फर्ट क्लास (2 AC) की 49,  स्टैण्डर्ड क्लास (3 AC) की 70 और इकोनोमी क्लास (स्लीपर) की 648 सीटें हैं, जो यात्री 2 AC में यात्रा करना चाहता है उसका किराया 35647/- रुपये रहेगा, जो व्यक्ति 3 AC का तिलकट चाहता है उसका किराया 27170/- रुपये और जो व्यक्ति स्लीपर क्लास में यात्रा करना चाहता है उसे 17008/- रुपये किराया देना होगा, बच्चों का किराया अलग से लगेगा।

इन मंदिरों के दर्शन करेंगे यात्री 

  • बैद्यनाथ मंदिर, जसडीह
  • विष्णुपद मंदिर और स्थानीय मंदिर, गया
  • जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क मंदिर, पुरी
  • स्थानीय मंदिर, गंगा सागर
  • काली मंदिर, कोलकाता
  • काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
  • रामजन्मभूमि, हनुमान गढ़ी और विभिन्न मंदिर, अयोध्या


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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