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नई दिल्ली| पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा की एयर स्ट्राइक को लेकर देश भर में सियासत जारी है| वहीं हवाई हमले में कितने आतंकी मारे गए, इसकी संख्या को लेकर तरह तरह के बयान सामने आ रहे हैं| वायुसेना प्रमुख ने भी संख्या को लेकर स्पष्ट नहीं किया है| हालंकि उन्होंने कहा है कि हमने टारगेट पर बम गिराए हैं, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय वायुसेना ने जंगल में बम गिराए| इस बीच नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ने बड़ा खुलासा किया है| एनटीआरओ ने बालाकोट पर सर्जिकल स्ट्राइक के दिन 300 एक्टिव मोबाइल कनेक्शन की पुष्टि की है। इस तरह की खबर की पुष्टि अन्य खुफिया एजेंसियों के द्वारा भी की गई है, जिसमें इतने ही मोबाइल सर्जिकल स्ट्राइक वाली जगह पर एक्टिव होने के संकेत मिले हैं।

नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (एनटीआरओ) के सर्विलांस के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने खुलासा किया है कि जिस समय वायुसेना ने हमला किया उस समय बालाकोट में 300 मोबाइल फोन सक्रिय थे। एएनआई के मुताबिक इसी तरह के सक्रिय टारगेट की जानकारी दूसरी भारतीय खुफिया एजेंसियों ने भी उपलब्ध कराई थी। वायुसेना को जैसे ही बालाकोट में जैश के आतंकी किले को ढहाने की मंजूरी मिली नैशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) ने सर्विलांस शुरू कर दिया था। तकनीकी तामझाम से मिले इस सबूत को किसी के लिए भी झुठलाना बेहद मुश्किल है।  खुफिया एजेंसियों ने सैटेलाइट के जरिए बालाकोट स्थित में जैश-ए-मोहम्मद के कैंप में काफी संख्या में आतंकियों के मौजूद होने के इनपुट दिए थे। इसी सूचना के बाद भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी को मिराज लड़ाकू विमानों के जरिए आतंकी कैंपों पर एयर स्ट्राइक की थी। 

एयर स्ट्राइक पर बड़ा खुलासा, हमले से पहले बालाकोट में एक्टिव थे 300 मोबाइल फोन