कर्मचारियों में बढ़ा रोष, 28 फीसदी DA की मांग ने पकड़ा जोर, अनिश्चिकालीन आंदोलन का ऐलान

कर्मचारियों

रायपुर, डेस्क रिपोर्ट। केंद्र के समान 28 फीसदी महंगाई भत्ते की मांग (7 Pay Commission) को लेकर छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ने लगा है।कर्मचारी (Government Employee)  लामबंद होकर डीए की मांग को लेकर आंदोलनरत है और आगे भी अनिश्चितकालीन तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे है। यही कारण है कि शुक्रवार को प्रदेशभर में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया और आरोप लगाते हुए कहा कि भूपेश सरकार ने मांगों को पूरा करने का वादा  किया था, केंद्र ने तो कर दिखाया लेकिन राज्य सरकार (Chhattisgarh Government) अब भी अपने वादे से मुकर रही है।

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दरअसल,  हाल ही में केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA Hike) 28 फीसदी बढ़ाया है और आने वाले समय में 3 फीसदी और  बढ़ाने की तैयारी है।इस फैसले के बाद से ही सभी राज्यों में DA बढ़ाने की मांग की जा रही है, हालांकि  यूपी, बिहार, पंजाब और केरल जैसे राज्यों की सरकारों ने इस मांग को पूरा कर दिया है, लेकिन मध्य प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को लेकर अब भी फैसला अधर में लटका हुआ है, जिसके चलते दोनों राज्यों के कर्मचारियों ने राज्य सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

एक तरफ मध्य प्रदेश के कर्मचारी बड़ी रणनीति पर काम कर रहे है वही दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन (Chhattisgarh Employees-Officers Federation)  ने मांगे पूरी ना होने तक आंदोलन अनिश्चितकालीन तक जारी रखने को फैसला किया है। इसके लिए 3 सितंबर को कलम बंद मशाल उठा आंदोलन किया गया और धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपा।इससे पहले पिछले 25 अगस्त से 31 अगस्त तक काली पट्टी बांधकर अपना विरोध प्रदर्शन कर चुके, लेकिन सरकार की ओर से इनकी मांगे पूरी नहीं हुई।

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कर्मचारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में सरकार ने ये वादा किया था, जिसे अबतक पूरा नहीं किया गया है, ऐसे में अब कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है, सरकार हमारी मांगों को पूर्ण करें।  इसके बाद भी राज्य सरकार समय रहते कोई निर्णय कर्मचारी हित में नहीं लेती है तो अनिश्चितकालिन आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।तब तक चरणबद्ध तरीके से अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन सरकार के खिलाफ आंदोलन करता रहेगा। इसके अलावा नियमितीकरण, पुराना पेंशन बहाली, विभागीय पदोन्नति-समयमान वेतनमान स्वीकृति समेत 14 सूत्रीय मांगें को भी पूरा किया जाए।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन है कि केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 17 से 28 प्रतिशत हो गया है, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय सेवकों और पेंशनरों को 1 जनवरी 2019 से मात्र 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, राज्य के कर्मचारी केन्द्रीय कर्मचारियों से 16 प्रतिशत पीछे हो गए है, इस कारण प्रतिमाह के वेतन में 4-5 हजार रुपए आर्थिक क्षति हो रही है, ऐसे में जल्द महंगाई भत्ते पर फैसला लिया जाए। इधर, इस आंदोलन का असर सरकारी कामों पर भी पड़ रहा है। शासन ने स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) की परीक्षाओं की तिथियां आगे बढ़ा दी है।

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