पीएम मोदी आज ‘आत्मनिर्भर नारी-शक्ति से संवाद’ में जानेंगे अपने दम पर काम करने वाली सशक्त महिलाओं की कहानियां

पीएम मोदी चार लाख स्व-सहायता समूहों को 1,625 करोड़ रुपये की नई सहायता राशि भी जारी करेंगे। इसी के साथ कई अन्य घोषणाएं भी करेंगे।

पीएम मोदी

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज ‘आत्मनिर्भर नारी-शक्ति से संवाद’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों (Women members) के साथ बातचीत करेंगे। इस कार्यक्रम को आज 12.30 बजे आयोजित किया जाएगा जिसमें प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेसिंग (Video conference) के जरिए जुड़ेंगे और स्व सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करेंगे। आपको बता दें, पीएम मोदी चार लाख स्व-सहायता समूहों को 1,625 करोड़ रुपये की नई सहायता राशि भी जारी करेंगे। इसके अलावा वह PMFME (पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइसेज) के तहत आने वाले 7,500 स्व-सहायता समूहों को 25 करोड़ रुपये की आरंभिक धनराशि भी जारी करेंगे। वहीं इसी तरह मिशन के तहत आने वाले 75 एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) को 4.13 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान करेंगे।

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इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सफलता की कहानी का संक्षिप्त विवरण व कम-छोटी जोत वाली खेती से पैदा होने वाली आजीविका पर एक पुस्तिका भी जारी करेंगे। इस कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस, ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री गिरिराज सिंह, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और फग्गन सिंह कुलस्ते, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल और पंचायत राज राज्यमंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल भी उपस्थित रहेंगे।

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आपको बता दें, इस कार्यक्रम में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों के साथ संवाद किया जाएगा। इस मिशन के तहत इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के गरीब परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ना है। आपको बता दें इस योजना के तहत यह कार्य क्रमबद्ध तरीके से किया जाता है और गांव के गरीबों को लंबे समय तक सहायता दी जाती है, ताकि वे अन्य तरह से भी अपनी आजीविका प्राप्त कर सकें जिससे वे अपनी आय और जीवन के स्तर में सुधार ला सकें। इसी के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलायें प्रशिक्षित होकर सशक्त बन रहीं हैं। साथ ही ये मिशन घरेलू हिंसा, महिला शिक्षा और लैंगिक मुद्दों, पोषण, स्वच्छता, स्वास्थ्य आदि से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक बना रहा है और उनकी समझ व व्यवहार को विकसित कर रहा है।