प्रशांत किशोर ने ठुकराया कांग्रेस का ऑफर, ये रही इसकी बड़ी वजह

प्रशांत किशोर ने ठुकराया कांग्रेस का ऑफर, ये रही इसकी बड़ी वजह

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कांग्रेस (Congress) का ऑफर ठुकराते हुए पार्टी को ज्वाइन करने से इंकार (PK refuses to join Congress) कर दिया। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।  उधर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट कर इस बात की पुष्टि की कि प्रशांत किशोर कांग्रेस ज्वाइन नहीं कर रहे।

पिछले कुछ दिनों से प्रशांत किशोर और सोनिया गांधी के बीच चल रहे मुलाकातों (Sonia Gandhi Prashant Kishor meeting) के दौर से सियासत में चर्चा थी कि प्रशांत किशोर अगले चुनावों में कांग्रेस के खेवनहार होंगे और वो कांग्रेस ज्वाइन कर लेंगे। लेकिन आज प्रशांत किशोर ने एक ट्वीट कर इन अटकलों पर विराम लगा दिया।

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प्रशांत किशोर ने अंग्रेजी में ट्वीट किया कि “मैंने कांग्रेस के उस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया (PK declined to Join Congress ) है जिसमें पार्टी ने मुझे EAG का हिस्सा बनने और चुनावों की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा था। उन्होंने आगे लिखा कि मेरी राय में मुझसे ज्यादा पार्टी को एक लीडरशिप और सामूहिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है जो परिवर्तनकारी सुधारों के साथ पार्टी की जड़ों को मजबूत करे।

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उधर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट कर प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल नहीं होने की पुष्टि की।  सुरजेवाला ने कहा कि प्रशांत किशोर द्वारा दिए गए एक प्रजेंटेशन के बाद सोनिया गांधी ने एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप (EAG) का गठन किया था, कांग्रेस ने प्रशांत किशोर को इस ग्रुप में शामिल होने का ऑफर दिया था जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।  हम पार्टी के लिए उनके सुझावों और प्रयासों की सराहना करते हैं।

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बहरहाल चर्चा ये भी है कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता प्रशांत किशोर में पार्टी में शामिल किये जाने पर आपत्ति जता चुके थे, कहा यहाँ तक जा रहा था कि प्रशांत किशोर महासचिव बनाये जा सकते हैं, लेकिन अंदरूनी विरोध के सुर के बाद सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट कर दिया था कि ये प्रशांत किशोर पर छोड़ दिया गया है कि वे प्रति में औपचारिक रूप से शामिल हो सकते हैं या पेशेवर रूप में।  लेकिन प्रशांत किशोर ने ऐसी किसी भी संभावनाओं से इनका कर दिया है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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