चाणक्य के अनुसार, इन 5 लोगों का अपमान करने से बर्बादी तय!, मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाएंगी

प्राचीन भारत के महान विद्वान को विष्णु गुप्ता या फिर कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है, जिन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर कई सारे ग्रथों की रचना की थी।

चाणक्य नीति (Chanakya Niti) का हम सभी के जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। उनकी नीतियां जिंदगी के हर मोड़ पर काम आती है। प्राचीन भारत के महान विद्वान को विष्णु गुप्ता या फिर कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है, जिन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर कई सारे ग्रथों की रचना की थी। उन्होंने ध्यान, सफलता, संबंध और नीति के बारे में बहुमूल्य उपदेश दिए, जिन्हें अपनाने वाला हर एक व्यक्ति हमेशा खुशहाल जीवन जीता है।

चाणक्य के अनुसार कुछ विशेष व्यक्तियों को सताने से न केवल समाज में शांति फैलती है, बल्कि माता लक्ष्मी भी उनसे रूठ जाती हैं। ऐसे में व्यक्ति के जीवन से सुख और समृद्धि समाप्त हो जाती है।

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गरीब

चाणक्य नीति के अनुसार, गरीब और असहाय लोगों का शोषण करने से व्यक्ति कभी भी सफल नहीं होता है। गरीबों की मदद करने से धन की वृद्धि होती है। गरीबों को सताने वाला व्यक्ति खुद धीरे-धीरे आर्थिक संकट में फंस जाता है। इसलिए कभी भी गरीब और असहाय व्यक्ति को भूल कर भी नहीं सताना चाहिए।

स्त्री

चाणक्य नीति के अनुसार, स्त्री का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि एक स्त्री से ही सृष्टि की रचना होती है। इसलिए कभी भी उनका अपमान या शोषण नहीं करना चाहिए। इससे समाज में आपका नाम खराब होगा। साथ ही परिवार और समाज में दरिद्रता फैलेगी। माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाएगीं। इसलिए हमेशा स्त्रियों का सम्मान करें। खास कर अपने माता-पिता का अवश्य आदर करें।

शिक्षक

चाणक्य नीति कहती है कि शिक्षक को ब्रह्मा, विष्णु और महेश का स्वरूप माना जाता है, जो अपने गुरु या शिक्षक का अपमान करते हैं, उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। साथ ही माता लक्ष्मी भी ऐसे व्यक्ति से रुष्ट हो जाती है। गुरु का अनादर न करें, बल्कि इनका आशीर्वाद प्राप्त करें, ताकि जीवन में सफलता सुख और धन की प्राप्ति हो।

सेवक

चाणक्य नीति के अनुसार, सेवक का कभी भी उपवास नहीं करना चाहिए। आपके साथ काम करने वाले कर्मचारी या मजदूर जो मेहनत करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। उनके साथ अन्याय करने पर माता लक्ष्मी की नाराजगी आपको सहनी पड़ सकती है।

वृद्ध

चाणक्य नीति के अनुसार, कभी भी बीमार और वृद्ध लोगों का अनादर नहीं करना चाहिए। इससे वह जीवन में सुख शांति से वंचित रह जाते हैं। बुजुर्गों का आशीर्वाद परिवार के सुख और शांति के लिए बहुत आवश्यक होता है। इसलिए उनकी सेवा करें, ना कि उन्हें कष्ट पहुचाएं।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)


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Sanjucta Pandit

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मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है।पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं।

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