बुधादित्य राजयोग से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, बढ़ेगा मान सम्मान, करियर-व्यापार में तरक्की, आय में वृद्धि के योग

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आदित्य का मतलब सूर्य से होता है इस तरह से जब कुंडली में सूर्य और बुध दोनों ग्रह एक साथ मौजूद हों तो बुधादित्य राजयोग बनता है। बुधादित्य योग कुंडली के जिस भाव में मौजूद रहता है उसे वह मजबूत बना देते है।

rajyog 2024

Budhaditya Rajyog 2024: जून महीने में ग्रहों का महागोचर होने वाला है। इस महीने में मंगल, सूर्य, बुध, गुरू और शनि अपनी चाल बदलेंगे। इस दौरान ग्रहों के राजा सूर्य और ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह मिथुन राशि में भी मिलन होगा, जिससे बुधादित्य राजयोग बनेगा।।ज्योतिष के मुताबिक, बुध ग्रह 14 जून और सूर्य 15 जून को मिथुन राशि में गोचर करेंगे, ऐसे में मिथुन राशि में सूर्य बुध ग्रह की युति बनेगी और बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा।आईए जानते हैं इससे किन राशियों को लाभ मिलेगा………

मिथुन राशि : बुध सूर्य की युति और बुधादित्य राजयोग जातकों के लिए काफी लकी साबित हो सकता है। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। लंबे समय से रुका और अटका पैसा वापस मिलेगा। समाज में मान-सम्मान की वृद्धि होगी। पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हो सकती है। पुरानी बीमारी से छुटकारा मिलेगा। वाहन, संपत्ति खरीदने का प्लान पूरा हो सकता है। विदेश में नौकरी का सपना पूरा हो सकता है। हर कार्य में सफलता मिलेगी । परिवार में संबंध सुधरेंगे।

कन्या राशि : बुध सूर्य की युति और बुधादित्य राजयोग बनने से जातकों को विशेष लाभ मिलेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी। नौकरीपेशा को हर क्षेत्र में तरक्की मिल सकती है। सैलरी में वृद्धि के साथ पदोन्नति मिल सकती है। संपत्ति या वाहन खरीद सकते है। पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। पैतृक संपत्ति में लाभ मिलने के योग है। आमदनी में दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी होगी। दांपत्य जीवन में प्रेमभाव बना रहेगा और घर के सभी सदस्यों की इच्छाओं को पूरा करेंगे।

कुंभ राशि : सूर्य बुध युति और राजयोग का बनना जातकों के लिए शुभ साबित हो सकता है। हर क्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है। करियर में तरक्की के अच्छे अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी, कई नए स्त्रोत खुलेंगे। लंबे समय से अटकी हुई योजनाएं एक बार फिर से शुरू हो सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। नौकरीपेशा को प्रमोशन और वेतनवृद्धि का लाभ मिल सकता है। व्यापार में भी लाभ मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

कुंडली में कब बनता है बुधादित्य राजयोग

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आदित्य का मतलब सूर्य से होता है इस तरह से जब कुंडली में सूर्य और बुध दोनों ग्रह एक साथ मौजूद हों तो बुधादित्य राजयोग बनता है। बुधादित्य योग कुंडली के जिस भाव में मौजूद रहता है उसे वह मजबूत बना देते है। कुंडली में बुध और सूर्य के एक साथ होने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में बुधादित्य योग बनता है उसे धन, सुख-सुविधा, वैभव और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है।इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)


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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)