कल मनाई जाएगी हरियाली तीज, व्रत के दौरान भूलकर भी ना करें ये गलतियाँ, जानें पूजा की सही विधि 

इस व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी माना जाता है। तो आइए जानें व्रत के दौरान किन गलतियों को करने से बचना चाहिए और क्या है पूजा की सही विधि।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। हिन्दू धर्म में हरियाली तीज (Hariyali Teej) का खास महत्व होता है। इस दिन महिलायें व्रत रखकर भगवान शिव और पार्वती की पूजा करती है। इस साल 31 जुलाई यानि कल हरियाली तीज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। सावन के इस पावन महीने में भगवान शिव अपने भक्तों के सारे संकट दूर करते हैं। हरियाली तीज का त्योहार मुश्किल त्योहारों में से एक होता है। इस दिन महिलायें निर्जला व्रत कर के और सोलह शृंगार कर के माता पार्वती से सौभाग्य का वर मांगती हैं। इस व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी माना जाता है। तो आइए जानें व्रत के दौरान किन गलतियों को करने से बचना चाहिए और क्या है पूजा की सही विधि।

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व्रत के दौरान इन गलतियों को करने से बच
  • हरियाली तीज के व्रत को शुभ मुहूर्त के हिसाब से रखे। यह व्रत निर्जला होता है, इसलिए इस दौरान कुछ भी खाने-पीने की गलती ना करें।
  • हरियाली तीज के व्रत के दौरान सुहागिनों को गुस्सा नहीं करना चाहिए।
  • व्रत के दौरान काले और सफेद वस्त्रों को ना पहने। इस दिन लाल और हरा रंग पहनना शुभ होता है।
  • हरियाली तीज के व्रत के दौरान महिलाओं को सोना नहीं चाहिए। इस दिन रातभर माता का भजन-कीर्तन शुभ माना जाता है।

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इन बातों का रखे खास ख्याल

इस साल रवि योग में हरियाली तीज मनाई जाएगी। 31 जुलाई दोपहर 2:20 बजे से लेकर 1 अगस्त शाम 6 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है। भगवान शिव की पूजा करते समय धतूरा, बेलपत्र और भांग जरूर चढ़ाए। माता पार्वती की पूजा करते समय चुनरी और सुहाग की समाग्री चढ़ाना ना भूलें। इस व्रत के दौरान माता पार्वती को बिछिया, सिंदूर, इत्र, चूड़ी, लाल चुनरी, बिंदी, मेहंदी, काजल, नेलपॉलिश, लाली और चोटी को चढ़ाना चाहिए। साथ ही उचित मंत्रों का उच्चारण करते हुए मन में पति की लंबी आयु की कामना करें।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। हम इन बातों का दावा नहीं करते। यह खबर मान्यताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। विद्वानों की सलाह जरूर लें।