चैत्र नवरात्रि का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से पूरे देश भर में मनाया जा रहा है। जिस दिन से इसकी शुरुआत हुई है, देवी दुर्गा के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। बड़े से लेकर बच्चे सभी काफी ज्यादा उत्साहित है। पूरा शहर भक्ति में लीन हो चुका है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। भक्तगण भारत में स्थित विभिन्न देवी माता के मंदिरों में पहुंचकर दर्शन करते हैं और परिवार में सिद्धि की कामना करते हैं।
देवी सती के शरीर का अंग जहां गिरा वहां शक्तिपीठों की स्थापना हुई है। देवी पुराण में 51 शक्तिपीठों का वर्णन मिलता है, जहां मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना की जाती है।

सारे कष्ट होते हैं दूर
मान्यताओं के अनुसार, शक्तिपीठों के दर्शन करने से माता रानी की विशेष कृपा उनके भक्तों पर बनती है। आज हम आपको ऐसे ही शक्तिपीठ के बारे में बताएंगे, जो उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित है। यहां केवल दर्शन मात्र से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
माया देवी मंदिर (Maya Devi Mandir)
दरअसल, हरिद्वार में स्थित मंदिर का नाम माया देवी मंदिर है, जो कि 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां देवी सती का हृदय और नाही गिरी थी। माया देवी को हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी भी कहा जाता है, जो अपने भक्तों पर आने वाले हर संकट को दूर कर देती है। साथ ही नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाती है। इनके दर्शन के बिना तीर्थ यात्रा पूरा नहीं हो सकता।
मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण
मंदिर में सुबह शाम पुजारी द्वारा देवी माता की आरती की जाती है। प्राचीन काल में हरिद्वार को मायापुरी के नाम से जाना जाता था। यहां हर दिन भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन नवरात्रि के दौरान पूरे विश्व भर से भक्तगण माता रानी के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ वापस नहीं लौटता। उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।
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