पुष्य नक्षत्र आज, 400 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, 26 घंटे खरीददारी का मुहूर्त, करें ये 4 उपाय, जाग उठेगी सोई किस्मत, बरसेगा अपार धन

Manisha Kumari Pandey
Published on -
guru pushya yog 2023

Pushya Nakshtra 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार 4 नवंबर यानि आज पुष्य नक्षत्र लग रहा है। इसका समापन 5 नवंबर सुबह 10:00 बजे होगा। यह दिन खरीदारी और निवेश के लिए बेहद शुभ माना जाता है। खरीदारी के लिए 26 घंटे 30 मिनट का शुभ मुहूर्त है। इस बार पुष्य नक्षत्र के साथ गजकेसरी योग का निर्माण भी हो रहा है। साथ ही शनि भी अपने स्वराशि में मौजूद है। शश योग का निर्माण भी हो रहा है इसके अलावा लक्ष्मी, शंख, हर्ष, सरल, साध्य और मित्र योग भी बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा संयोग करीब 400 वर्षों बाद बन रहा है। 27 नक्षत्र में से पुष्य को राजा का स्थान दिया जाता है, जिसके स्वामी धन और ज्ञान के कारक गुरु और स्थिरता के कारक शनि माने जाते हैं।

करें इन चीजों का सेवन

पुष्य नक्षत्र के दिन चावल, दाल, खिचड़ी, बेसन ,बूंदी के लड्डू, कढ़ी इत्यादि चीजों का सेवन करना काफी शुभ माना जाता है। इन चीजों का दान करना भी लाभकारी माना जाता है ऐसा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

शनि की साढ़ेसाती ढैय्या से मुक्ति के लिए

इस दिन शनि मंदिर में जाकर पूजा करें। कर्म फल दाता शनि देव को नीले रंग के पुष्प अर्पित करें। सरसों तेल में काले तिल को डालकर अभिषेक करें और मंत्रों का जाप करें। इसके अलावा शनि चालीसा का पाठ भी करें।

इन चीजों को खरीदें

पुष्य नक्षत्र के दिन सोना, चांदी, शिल्प, बर्तन, चित्रकला और पुस्तकों की खरीदारी करना बेहद ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। धन और अन्न की कमी नहीं होती। साथ ही सफलता के द्वार खुलते हैं।

माँ लक्ष्मी को ऐसे करें प्रसन्न

पुष्य नक्षत्र के दिन सूर्योदय और सूर्यास्त के समय घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। नए मंत्रों के जाप की शुरुआती करें। ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो मान्यताओं पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)

 


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News