इन दोनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जो आम नागरिकों और सरकार के लिए चिंताजनक विषय बन चुका है। स्कैमर्स डेटा और तस्वीरें चुरा इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। लोगों को ब्लैकमेल भी कर सकते हैं। बैंक अकाउंट पर सेंध भी मार सकते हैं। अब जीमेल यूजर्स (Gmail Users Alert) के साथ भी एआई के जरिए धोखाधड़ी के मामले देखें गए हैं।
एफबीआई ने पिछले साल ही एआई स्कैम को लेकर जीमेल यूजर्स को अलर्ट जारी है। अब Malewarebytes ने भी जीमेल यूजर्स को चेतावनी दी है। बचने के लिए कुछ टिप्स भी बताए हैं।

कैसे होता है स्कैम?
ऐसे फ्रॉड के मामलों में जीमेल यूजर्स को एक फोन कॉल आता है। जिसमें जीमेल अकाउंट के हैक होने का दावा किया जाता है। इस कॉल को पहचानना मुश्किल होता है। इसके बाद हैकर्स यूजर्स को ईमेल भेजते हैं, जो काफी हद्द तक असली गूगल ईमेल होता है। जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो जाते हैं। उपभोक्ताओं को रिकवरी कोड को डालकर अकाउंट वापस रिस्टोर करने की बात कही जाती है। उनकी बात मानकर लोग रिकवरी कोड दर्ज भी कर देते हैं। लेकिन यह स्कैम का तरीका है। स्कैमर्स जीमेल अकाउंट को हैक कर सकते हैं। आपकी पर्सनल जानकारी प्राप्त करके इसका गलत इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
बचने के लिए फॉलो करें ये टिप्स
- किसी भी अनजान ईमेल या मैसेज पर दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। ना ही किसी फाइल को डाउनलोड करें।
- किसी भी अवैध वेबसाइट पर अपनी पर्सनल जानकारी दर्ज करने से बचें।
- विश्वसनीय साइट पर ही ऑटोफिल पासवर्ड को एक्टिव रखें।
- अपने अकाउंट को नियमित तौर पर चेक करते रहें। ध्यान रखें कि आपका जीमेल अकाउंट कोई और एक्सेस ना कर रहा हो। ऐसे में डेटा लीक होने की संभावनाएं होती हैं।
- गूगल अकाउंट पेज पर जाकर सिक्योरिटी अलर्ट को सत्यापित करें। ईमेल पर आए लिंक का इस्तेमाल न करें।
- अकाउंट के लिए मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल जरूर करें।
- नियमित तौर पर सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर को अपडेट करते रहें।