मालवा की सीटों को छोड़कर 80 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर सकती है कांग्रेस

भोपाल। मध्यप्रदेस विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी की तीन दिन तक नई दिल्ली में चली बैठक बुधवार को समाप्त हो गई। जिसमे उम्मीदवारों के नामों पर मंथन हुआ| कांग्रेस 12 अक्टूबर यानी कल कांग्रेस मालवा की कुछ विवादित सीटों को छोड़कर बाकी 80 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर सकती है। दिल्ली में छानबीन समिति ने पहली लिस्ट के लिए लगभग 100 सीटों पर नाम तय कर लिए हैं। लेकिन मालवा के कुछ नामों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की असहमति के चलते कुछ सीटों पर निर्णय अटक सकता है|  कुछ सीटों पर फिर विचार किया जाएगा।  कमेटी द्वारा तय किए गए 100 नामों में 45 वर्तमान विधायकों के नाम हैं। साथ ही पिछला 2013 का चुनाव 3000 से कम वोटों से हार वाली सीटों पर भी दोबारा पिछला चुनाव हारने  वाले उम्मीदवारों को मौका देने पर सहमति बनी है| 

सूत्रों के मुताबिक चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस में एक बार फिर तनातनी की स्तिथि है, कमलनाथ और सिंधिया एक बार फिर टिकट बंटवारो को लेकर आमने सामने आ गए हैं। कमलनाथ को दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का साथ मिल गया है। वहीं सिंधिया अकेले पड़ गए हैं| हालांकि, खुलकर इस बात को कोई भी स्वीकार नहीं कर रहा है। कहा जा रहा है टिकट फाइनल करने के लिए सभी अपना मत रखते हैं और यह उन्ही नेताओं को तय करना है, अगर किसी नाम को लेकर असहमति है तो बातचीत कर सही उम्मीदवार का चयन किया जाएगा| वहीं कांग्रेस भले ही आंतरिक गुटबाजी को बाहर नहीं आने देना चाहती लेकिन सीटों पर रजामंदी नहीं होने से कांग्रेस की कलह खुलती जा रही है। टिकट बंटवारे के बाद की स्तिथि को संभालना भी बड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है| 

भोपाल में कार्यकर्ता संवाद में राहुल गांधी ने प्रदेश पदाधिकारियों को ताकीद की थी कि कांग्रेस पार्टी एक होकर चुनाव लड़ेगी। लेकिन प्रदेश के ये दिग्गज चुनाव की पहली एक्साइज में ही गुत्थम-गुत्था हुए जा रहे हैं। स्क्रीनिंग कमेटी में हाल ही में 2 नए चेहरों को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया. ये दो चेहरे हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह। बताया जा रहा है दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, अजय सिंह कई नामों को लेकर एकमत हो चुके हैं लेकिन मालवा में कुछ सीटों को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया राज़ी नहीं हैं।  

इन 45 विधायकों पर फिर मौक़ा 

विजयपुर से रामनिवास रावत, लहार से डॉक्टर गोविंद सिंह, भीतरवार से लाखन सिंह, डबरा से इमरती देवी, करैरा से शकुंतला खटीक, पिछोर से के पी सिंह, कोलारस से महेंद्र सिंह यादव, बमोरी से महेंद्र सिंह सिसोदिया, राघोगढ़ से जयवर्धन सिंह, चंदेरी से गोपाल सिंह चौहान डग्गीराजा, मुंगावली से बृजेंद्र सिंह यादव, देवरी से हर्ष यादव, राजनगर से कुंवर विक्रम सिंह नाती राजा, जबेरा से प्रताप सिंह, पवई से मुकेश नायक, अमरपाटन से राजेंद्र सिंह, चित्रकूट से नीलांशु चतुर्वेदी, नागोद से यादवेंद्र सिंह, सुखेंद्र सिंह बन्ना मऊगंज से, सुंदरलाल तिवारी गुढ़ से, चुरहट से अजय सिंह, कमलेश्वर पटेल सिहावल, रामपाल सिंह ब्हायौरी से, सौरभ सिंह बहोरीबंद, नीलेश अवस्थी पाटन, तरुण भनोट जबलपुर पश्चिम, संजीव उइके मंडला, संजय उइके बैहर, मधु भगत परसवाड़ा, रजनी सिंह केवलारी, योगेंद्र सिंह लखनादौन, सोहन लाल बाल्मीकि परासिया, जतन उईके पांडुरना, रामकिशोर दोगने हरदा, निशंक जैन बासौदा, आरिफ अकील भोपाल उत्तर, शैलेंद्र पटेल इछावर, गिरीश भंडारी नरसिंहगढ़, सचिन यादव कसरावद, विजय सिंह सोलंकी भगवानपुरा, बाला बच्चन राजपुर, रमेश पटेल बड़वानी, गंधवानी से उमंग सिंघार, सुरेंद्र सिंह हनी कुक्षी, जीतू पटवारी राऊ, और हरदीप सिंह डंग सुवासरा को फिर से टिकट दिए जाने पर मुहर लग चुकी है

गौरतलब है कि प्रदेश में 2 नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। लिहाजा कांग्रेस अपनी उम्मीदवारों के नाम तेजी से तय कर रही है। इस बार कांग्रेस ने सर्वे और पूर्व में तीन हजार कम वोटों से हारे उम्मीदवारों को मौका देने का मन बना लिया है सूत्रों के मुताबिक 150 नाम तय हो चुके हैं। शेष नामों पर मंथन जारी है। पहली लिस्ट 12 अक्टूबर तक जारी हो जाएगा। साथ ही दूसरी लिस्ट इस महीने के अंत तक जारी कर दी जाएगी।