एक्शन में सरकार: सिंथेटिक दूध मामले में होगी कड़ी कार्रवाई, दोषियों पर लगेगी 'रासुका'

भोपाल| मध्य प्रदेश के भिंड-मुरैना में पिछले दिनों हुए सिंथेटिक दूध और मावे के कारोबार के खुलासे के बाद सरकार एक्शन में आ गई है|  दूध, मावा और घी की जांच के लिए स्वास्थय मंत्री तुलसी सिलावट ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं| प्रदेश के सभी कमिश्नर से स्वास्थ्य मंत्री ने इस सम्बन्ध में चर्चा की है और भोपाल से भी जांच दल ग्वालियर के लिए रवाना किया गया है| वहीं उन्होंने कहा है कि मिलावटी घी, मावा और दूध के मामले में तत्काल कार्रवाई की जाएगी| दोषी पाए जाने पर आरोपियों पर रासुका  लगाई जाएगी| कोई भी अधिकार मामले में शामिल पाया गया तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जायेगी| मंत्री सिलावट भोपाल में मीडिया से चर्चा कर रहे थे| 

 सिंथेटिक दूध और मावे के कारोबार को लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पूर्व की सरकार पर निशाना साधा है| उन्होंने कहा कि 15 साल में दूध, मावा और भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हो गईं हैं, मट्ठा डाल के जड़े उखाड़ने में समय लगेगा| उन्होंने मिलावटी दूध मिलने को गंभीर मामला मानते हुए कहा बच्चों और बुज़ुर्गों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा| जो भी मामले में दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी| A टू Z तक जो भी लिप्त होगा उस पर कड़ी करवाई होगी| 

गौरतलब है कि प्रदेश के भिंड और मुरैना में स्थित फैक्ट्रियों में जहरीला दूध और मावा तैयार किया जा रहा था, दावा है कि इन फैक्ट्रियों से मप्र, राजस्थान, हरियाणा, उप्र और दिल्ली में रोजाना करीब डेढ़ लाख लीटर सिंथेटिक दूध सप्लाई  किया जाता है। शुक्रवार को मप्र एसटीएफ ने स्पेशल डीजी पुरूषोत्तम शर्मा के निर्देशन में बड़ी कार्रवाई करते हुए भिंड और मुरैना में हानिकारक केमिकल से बन रहे सिंथेटिक दूध, मावा बनाने वाली तीन फैक्ट्रियों और इन्हें केमिकल और रॉ मटेरियल सप्लाई करने वाले दो सप्लाई सेंटरों पर एक साथ छापा मारा।  20 दिन पहले मिली शिकायत के बाद एसटीएफ की 20 टीमों ने छापा मारकर 57 लोगों को हिरासत में लिया और बड़ी मात्रा में केमिकल व मिलावटी 14 हजार लीटर से ज्यादा दूध, 100 किलो मावा, 1500 किलो पनीर जब्त किया।

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