पीसीसी चीफ की दौड़ में आगे आया नया नाम, फैसला उपचुनाव के बाद संभव

भोपाल। मध्य प्रदेश में लम्बे समय से टल रहा नए पीसीसी चीफ का फैसला एक बार फिर झाबुआ उपचुनाव की तारिख का एलान होने से टलता नजर आ रहा है| वहीं उपचुनाव के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस बीच प्रदेश अध्यक्ष के लिए अन्य नेताओं के अलावा मीनाक्षी नटराजन का नाम भी तेजी से चर्चा में आया है| आम सहमति न बन पाने से अब तक फैसला होने में देरी होती रही है, पीसीसी अध्यक्ष को लेकर चल रही कवायद अब नए सिरे से शुरू हुई है। प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने विभिन्न् अंचल के नेताओं से मुलाकात कर चर्चा की है| 

झाबुआ उपचुनाव के लिए कांग्रेस तैयारियों में जुट गई है, जल्द ही उम्मीदवार की घोषणा करनी है| ऐसे में पीसीसी चीफ को लेकर अभी स्तिथि स्पष्ट नहीं है|| इससे पहले सीएम कमलनाथ की कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाक़ात के बाद भी फैसला नहीं हो पाया था| पीसीसी अध्यक्ष को लेकर चल रही कवायद अब नए सिरे से शुरू हुई है।  नए पीसीसी अध्यक्ष के लिए अब तक पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कमलनाथ सरकार के मंत्रियों बाला बच्चन, उमंग सिंघार, ओमकार सिंह मरकाम जैसे आदिवासी नेताओं व ओबीसी से आने वाले मंत्री जीतू पटवारी और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के नाम चर्चा में आए थे। अब मीनाक्षी नटराजन का नाम तेजी से नए पीसीसी अध्यक्ष के लिए सामने आया है। चर्चा में आए नामों में सिंधिया को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के मंत्रियों, अजय सिंह व अन्य नेताओं के साथ मुलाकात की। इसी तरह उमंग सिंघार और दिग्विजय सिंह विवाद से उनका नाम भी दौड़ से बाहर हो गया।

हाईकमान के एक व्यक्ति-एक पद के फार्मूले को लागू किए जाने से मंत्रियों का नाम रेस से बाहर हो सकता है,  वे अपने समर्थक नेताओं के सहारे मंत्री पद को कायम करने पर ज्यादा जोर देंगे। सूत्रों की माने तो हाईकमान को सिंधिया विरोधियों ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को पीसीसी अध्यक्ष बनाने का दांव खेला है। नटराजन के पक्ष में प्रभारी प्रदेश महासचिव बाबरिया का भी झुकाव दिखाई देता है। वहीं मीनाक्षी राहुल गाँधी की करीबी नेता मानी जाती हैं| अलग अलग गुटों में चल रहे टकराव को देखते हुए इस पर फैसला किया जा सकता है| हालाँकि अभी पीसीसी अध्यक्ष का फैसला झाबुआ उपचुनाव के बाद ही माना जा रहा है| वहीं सिंधिया लगातार प्रदेश में सक्रिय हैं| पिछले दिनों उन्होंने अलग अलग गुटों के नेताओं से मुलाकात भी की है| उनकी इस मुलाकात को पीसीसी चीफ बनने की राह को आसान करने से जोड़ कर देखा जा रहा है| उनके समर्थक जोरदार तरीके से सिंधिया को लेकर लॉबिंग कर रहे हैं| हालाँकि सिंधिया की राह रोकने अक्सर नए नाम आते रहे हैं| 

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