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करोड़ों दुआएं कबूल: जिंदगी की जंग जीता 'रोशन', 35 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला

देवास। अशोक पटेल| जिंदगी के लिए 35 घंटे तक हर पल संघर्ष करने वाले बोरवेल में गिरे बालक रोशन ने जिंदगी की जंग आखिरकार जीत ली है| लाखों-करोड़ों लोगों की दुआएं कबूल हुई हैं| रोशन के बोर में गिरने की सूचना के बाद से ही प्रार्थनों का दौर चल रहा था, वहीं रोशन को सुरक्षित निकालने युद्धस्तर पर लगातार 35 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया| रोशन को निकाले जाने के बाद खुशियों का माहौल है। वही जैसे ही बच्चे को निकाला गया तो वंदे मातरम और भारत माता के नारों से इलाका गूंज गया। घटना के सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने रोशन को बचाने का कार्य शुरू किया। रोशन को निकालने के लिए बोरवेल के पास गड्डा खोदा गया। सेना के रेस्क्यू अधिकारियों ने साइड से टनल बनाकर बच्चे को निकालने की कोशिश की लेकिन चट्टान की वजह से मुश्किलें खड़ी हो गई| आखिरकार रस्सी के माध्यम से रोशन को निकला गया| 

रोशन स्वस्थ्य है, और एंबुलेंस की सहायता से प्राथमिक उपचार के लिए खातेगांव स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया है। बच्चे को बचाने के लिए 35 घंटे तक रेस्क्यू आपरेशन चलाया गया। जिसमें जिला प्रशासन सहित सेना व एसडीईआरएफ की टीम ने पुरी ताकत झोंक दी थी लेकिन सुरंग बनाने के लिए टीम को काफी मशक्कत करना पड़ी, आखिरकार बच्चे को रस्सी की सहायता से निकाला गया| यह कार्य पहले भी किया जा सकता था। 


दरअसल कांजीपुरा निवासी भीमसिंह कोरकू और पत्नी रेखा तीन बच्चों नैतिक, रोशन व चेतन को लेकर मजदूरी करने उमरिया स्थित खेत पर गए थे। वहां दंपती खेत में काम रहे थे और बच्चे पास ही खेल रहे थे। तभी रोशन खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गया था। जैसे रोशन बोरिंग से बाहर आया वैसे ही वहां मौजूद हर कोई सख्स खुशी से झूम उठ।


हर कोई चाह रहा था रोशन की सलामती

ग्राम उमरिया में बोरिंग में गिरे रोशन की सलामती के लिए शनिवार सुबह से लेकर रविवार देर रात तक दुआओं का दौर चलता रहा। उधर मौके पर पहुंचे अफसरों, ग्रामीणों के लिए उमरिया के लोगों ने इंतजाम किए। मदद के लिए कई हाथ उठे। कोई पानी लेकर आया तो किसी ने चाय का इंतजाम किया। दरअसल शनिवार सुबह करीब 11 बजे रोशन के बोरिंग में गिरने की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। उमरिया सहित आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते वहां अच्छी खासी भीड़ लग गई। लोग रातभर रेस्क्यू वाले स्थान पर बैठे रहे। हर किसी को रोशन के सलामती की फिक्र थी। 


बालक को हर घंटे दिया गया तरल पदार्थ

बच्चे को नली के माध्यम से हर घंटे ऑक्सीजन और पानी दिया जा रहा था। हर घंटे के अंतराल में उसे नली से पानी दिया गया। इसके बाद शाम को दूध व ज्यूस भी पिलाया गया। मेडिकल टीम बच्चें की हर गतिविधि देखकर उपर से पानी और अन्य तरल पदार्थ समय-समय पर पहुंचा रहे थे


कलेक्टर,एसपी व विधायक पूरे समय मौजूद रहे 

शनिवार को घटना की जानकारी मिलते ही विधायक आशीष शर्मा तत्काल मौके पर पहुंच गए थे। उसके बाद मौके पर पहुंचे जिला कलेक्टर आशीषसिंह व एसपी अंशुमानसिंह उमरिया में ही रुके रहे व पुरी नजर रेस्क्यू पर बनाकर रखी। हर समय अधिकारी स्थिति का जायजा लेते रहे। उनके अलावा भाजपा-कांग्रेस के अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और बच्चें को बोरवेल से सकुशल निकलने की प्रार्थना की।


खुले बोरिंग पर होगी कार्रवाई 

जिस बोरिंग में बच्चा गिरा है उसके आसपास की स्थिति देखकर लग रहा है कि बोरिंग ताजा ही हुआ है। राजएक्सप्रेस प्रतिनिधि ने खुले बोरिंग को लेकर कलेक्टर से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि बालक बोरवेल से निकल जाए उसके बाद बोरिंग किसका है प्रथम द्ष्टया उसके उपर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 से 20 दिन पहले ही उक्त बोरिंग किया गया है।  


 मां की आवाज सूनकर रोने लगा था रोशन

बोरवेल मेेें गिरने बाद विधायक श्री शर्मा व रोशन के पिता निरंतर रोशन से चर्चा कर रहे थे रविवार को करीब 26 घंटे बीतने के बाद रोशन की मां ने बोरिंग में रोशन को आवाज लगाई उसके बाद वह अंदर से कहने लगा की मुझे बाहर निकालों और फिर रोने लग गया। यह सब सुनकर वहां आसपास खड़े लोग भी भावूक हो गए। देर शाम तक बच्चे की बोरिंग से रोने की आवाजें आ रही थी।  


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