प्रत्याशी चयन की कवायद तेज, कांग्रेस नेताओं ने तय किया 'फॉर्मूला'

भोपाल। विधानसभा चुनाव में वोटिंग से कुछ दिनों पहले तक कांग्रेस अपने सभी प्रत्याशियों का चयन नहीं कर पाई थी, जिसके चलते प्रत्याशियों को मैदान में कम समय मिला| अब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों के चयन में तेजी दिखा रही है| सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के फॉर्मूले के आधार पर चयन करके पार्टी फरवरी अंत तक या मार्च के पहले सप्ताह में सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर सकती है| कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भोपाल प्रवास के दौरान लोकसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशी चयन का फॉर्मूला लगभग तय कर लिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के भोपाल प्रवास के बाद मुख्यमंत्री निवास में प्रत्याशी चयन के फॉर्मूले पर मंथन हुआ है| इस बैठक में प्रत्याशी चयन के लिए फॉर्मूले पर सहमति बनी है| फॉर्मूले के तहत चार बिंदुओं के आधार पर उम्मीदवार का नाम फाइनल किया जाएगा|  पिछले दिनों राहुल गांधी किसान आभार सम्मेलन के लिए जब भोपाल आए तो विमानतल पर उन्होंने करीब एक घंटा बिताया। सूत्रों के मुताबिक यहां उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और एआईसीसी महासचिव व प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया से चर्चा भी की। इसमें राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में उतारे जाने वाले प्रत्याशियों को लेकर नेताओं को लाइन दी थी जिस पर उसी रात मुख्यमंत्री निवास में चुनिंदा नेताओं की बैठक हुई। जिसमे प्रत्याशी चयन के फॉर्मूल तय करने पर चर्चा की गई | 

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में मोठे तौर पर राय बनी कि जो लोग लगातार दो या इससे ज्यादा चुनाव हार चुके हैं, उन्हें टिकट नहीं दिया जाए। फॉर्मूले की दूसरी महत्वपूर्ण राय वर्तमान विधायकों में से किसी को भी टिकट नहीं दिया जाए। फॉर्मूले के तहत तीसरा बिंदू दूसरे राजनीतिक दलों या अन्य क्षेत्रों से चुनाव के पहले आ रहे लोगों से टिकट देने का वादा नहीं किया जाया और उन्हें अंतिम विकल्प के रूप में ही प्रत्याशी बनाया जाए। इसी तरह बैठक में आम राय बनी कि जो भी नेता जिस प्रत्याशी की सिफारिश करता है तो उसके हारने पर सिफारिश करने वाले नेता के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। भविष्य में चुनाव में उस नेता की सिफारिश के दौरान उस रिकॉर्ड को भी देखा जाए।

भाजपा से पहले प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी 

विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियों में जुट गई है| प्रत्याशी चयन को लेकर कवायद तेज हो गई है| पार्टी भाजपा से पहले अपने प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी में है। जिस प्रकार विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को उतारा गया था, उसी तरह लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस किसी भी सीट पर भाजपा को वॉकओवर नहीं देगी। अब तक इंदौर, भोपाल, विदिशा जैसी सीटों पर अभी तक भाजपा को वॉकओवर मिलता आया है। लेकिन इस बार सभी 29 सीटों पर पार्टी जिताऊ और दमदार चेहरे उतारने की तैयारी कर रही है| लोकसभा चुनाव मई में होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के फॉर्मूले के आधार पर चयन करके पार्टी फरवरी अंत तक अपने प्रत्याशी घोषित कर सकती है। वह भाजपा से मनोवैज्ञानिक रूप से बढ़त लेना चाहती है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया के मुताबिक पार्टी इसकी तैयारी कर रही है। 15 फरवरी को कांग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद का एक दल लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में आएगा। यह दल प्रदेश से जुड़े मुद्दों को पार्टी के राष्ट्रीय घोषणा-पत्र में शामिल करने के मुद्दे पर प्रदेश के नेताओं से विचार-विमर्श करेगा। इस दौरान लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति भी बनेगी।


सभी 29 सीटों पर फोकस

राहुल ने भोपाल में आभार सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ नेताओं को साफ कर दिया है कि प्रदेश की सभी 29 सीटों को फोकस करें। पहले प्रदेश कांग्रेस 15 से 18 सीटों को लेकर रणनीति बना रही थी। अभी कांग्रेस के पास महज रतलाम-झाबुआ, गुना और छिंदवाड़ा सीटें हैं। राहुल ने कहा- किसी भी सीट पर वॉकओवर नहीं दिया जाएगा। इसके चलते कांग्रेस बरसों से कमजोर सीटों पर नए सिरे से चेहरे तय करने पर मंथन कर रही है। पार्टी विदिशा, भोपाल और इंदौर में बड़े चेहरे या सरप्राइज फेस को लाने पर भी विचार करेगी। 

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