सरकार..आप ही की आंखों में धूल झोंक रहे अधिकारी

भोपाल| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आम जनता की सहूलियत के लिए कई योजनाएं बनाई और चलाई हैं लेकिन अधिकारी उन्हें किस तरह मटियामेट करने पर तुले हैं, इसका उदाहरण डबरा जिला ग्वालियर में सामने आया है, जहां तहसीलदार शिवदयाल धाकड़ ने सीएम हेल्पलाइन जैसे महत्वपूर्ण पोर्टल पर न केवल पुरानी जानकारियां कट पेस्ट कर दी बल्कि प्रकरणों की तारीख भी पुरानी लगा दी। मामला सामने आने के बाद में संभाग आयुक्त ग्वालियर ने कारण बताओ नोटिस देकर तहसीलदार से जवाब मांगा है


प्रकरण क्रमाक 1  राजा राम परिहार,सीएम हैलापलाईन  शिकायत नंबर 445 9919 ,शिकायत दिनांक 31 अगस्त 2017 ।शिकायत का निराकरण सीएम हेल्पलाइन के एल वन अधिकारी होने के नाते तहसीलदार को करना था। तहसीलदार शिवदयाल धाकड़ ने 12 अप्रैल 2018 को निराकरण करते हुए इस मामले को न्यायालय में चलना होता बताकर फोर्स क्लोज कर दिया और अगली तिथि 15 मार्च 2018 लगाई यानी जिस तिथि को निराकरण किया उससे एक महीने पूर्व की तिथि।

प्रकरण क्रमांक 2 राम गोपाल चौरसिया, वार्ड नंबर 15 ,डबरा, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत नंबर  4530239 ,शिकायत तिथि 3 सितंबर 2017। इस मामले में भी तहसीलदार शिवदयाल धाकड़ ने मामला न्यायालय में चलना होता बताकर 12 अप्रैल 2018 को फोर्स क्लोज कर दिया और निराकरण की अगली तिथि 15 मार्च 2018 बताई यानि फिर एक बार पुरानी तिथि।

प्रकरण क्रमांक 3  राजेंद्र सिंह निवासी तहसील बिलौआ सीएम हेल्पलाइन में प्रकरण क्रमांक 4 629169 शिकायत दिनांक 27 सितंबर 2017। इस मामले में भी शिवदयाल धाकड़ ने वही कारनामा दोहराया ।

प्रकरण क्रमांक 4  कैलाश रजक तहसील पिछोर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत नंबर 5139 3799 15-12-2017 ।इस मामले को भी तहसीलदार शिवदयाल धाकड़ ने फोर्स क्लोज कर दिया और कब्जा नहीं हटाया।

यह सारे मामले जब संभागायुक्त बी.एम. शर्मा के पास पहुंचे जो कि सीएम हेल्पलाइन में एल फोर स्तर पर समस्याएं निपटाने के अधिकारी हैं, तब उनकी आंखें खुली की खुली रह गई । उन्होंने तत्काल तहसीलदार को लिखा कि आपके द्वारा सीएम हेल्पलाइन जैसी शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना अंतर्गत प्राप्त प्रकरण शिकायतों के निराकरण में पर्याप्त रुचि नहीं ली गई है, मनमानी बरती गई है और शासन की महत्वकांक्षी योजना और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को गंभीरता पूर्वक नही लिया गया है। साथ ही बी.एम. शर्मा ने यह भी लिखा कि तहसीलदार ने इस पूरे मामले में पूर्व निराकरण को कॉपी पेस्ट कर दिया है। संभागायुक्त ने तहसीलदार के इस कृत्य को लापरवाही और मनमानी मानकर इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस दिया है।

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