मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनने का मुझे कोई दुख नहीं, पार्टी का फैसला सर्वोपरि: सिंधिया

भोपाल। मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने कहा कि हमारे पास प्रदेश में मजबूत संगठन की ताकत है। लेकिन हमारी लड़ाई बीजेपी के धन बल से है। वह धन के बल पर इस बार चुनाव लड़ रहे हैं। और धन बल का जवाब हम जन बल से देंगे। यह बात सिंधिया ने मीडिया को दिए साक्षात्कार में कही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनाव में किसी चेहरे की जरूरत नहीं है। पार्टी का जो फैसला होता है मैं उसका पालन करता हूं। मैं कांग्रेस का अनुशासित कार्यकर्ता हूं। अरूण यादव, कमलनाथ जी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला भी पार्टी का था। इसलिए मुझे इस बात पर किसी भी तरह का अफसोस नहीं है कि मुझे प्रदेश अध्यक्ष बनने का मौका नहीं मिला। 

उन्होंने कहा कि वह प्रदेश में बीते 16 सालों से जनता की सेवा कर रहे हैं। उनकी हर सांस जनता की सेवा में समर्पित है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री पद का दावेदार या फिर चेहरा कौन होगा यह बात अधिक महत्व नहीं रखती। सबसे जरूरी बात से इस सरकार को सत्ता और उसके माया जाल से बेदखल करना। बीजेपी ने भी बिहार और उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ा था। ना ही चुनाव से पहले घोषणा की थी। 

दिग्विजय सिहं बनाम सिंधिया बनाम कमलनाथ खेमें में बंटी कांग्रेस के इस सवाल पर सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी पुराने दिनों की बात है। पहले गुट हुआ करते थे। इस बात को नकारा नहीं जा सकता। लेकिन इससे बाहर निकलने में हमने हर संभव प्रयास किया है। और हम एकजुट होने में कामयाब हुए हैं। उन्होंंने कहा कि भाजपा में कांग्रेस से ज्यादा गुटबाजी हावी है। लेकिन कांग्रेस एकजुट होकर काम कर रही है। एमपी में कांग्रेस एकजुट है और कोई नेता किसी से अलग नहीं है। 

दिग्गी से टिकट बंटवारे के दौरान हुई नोकझोंक के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई भी घटना हमारे साथ नहीं हुई। मीडिया में जिस तरह से रिपोर्ट किया ऐसा कुछ नहीं था। वह पूरी तरह से फर्जी खबर है। मेरे और दिग्विजय सिंह जी के बीच टिकट बंटवारे को लेकर किसी भी तरह के मतभेद नहीं है। ये बात सच है कि हमारी राय अलग हो सकती है। और राय अलग होना का मतलब यह नहीं कि हमारे बीच नोकझोंक हुई।

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