भारत की नदियों का पानी पाकिस्तान में बह रहा, उस पर कोई नही बोलता : गडकरी

होशंगाबाद।

जल, ज़मीन, जंगल और जानवर भगवान ने हमें ऐसे अमूल्य चीज़ दी है। इनके संरक्षण से देश, समाज, अर्थव्यवस्था भी बढ़ेगी। अनिल माधव दवे जी ने अपना पूरा जीवन माँ नर्मदा की सेवा, इसके संरक्षण और पर्यावरण के लिए समर्पित कर दिया, उन्होंने नर्मदा को समृद्ध बनाने के लिए सांस्कृतिक एकता जागृत की। हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या पानी की कमी है, जिसका समाधान हमारी नदियों के संरक्षण में निहित है, इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों को माँ नर्मदा की सेवा से काफी बल मिल रहा है। पानी की उपलब्धता को लेकर समस्या की वजह है पानी के नियोजन की कमी, हमारे देश का 60 प्रतिशत पानी समुद्र में बह जाता है, इसलिए पानी का नियोजन सही तरीके से प्लानिंग के साथ करना होगा।यह बात होशंगाबाद जिले के बांद्राभान में पंचम नदी महोत्सव में केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी  ने कहीं।

उन्होंने कहा कि भारत में पानी की कमी नहीं है बल्कि नियोजन की कमी है। देश में पानी की समस्या का समाधान उचित जल नियोजन द्वारा दूर की जा सकती है।नदियों का संरक्षण न केवल जीवन बचाएगा, बल्कि हमारे देश को गरीबी और भुखमरी से बचायेगा। हमारी नदियाँ जीवन और समृद्धि का आधार हैं।जल संरक्षण को लेकर जहाँ भी प्रयास किए गए, वहां की तस्वीर बदल गई, गांवों में समृद्धि आ गई, किसानों के सूखे खेतों ने उनका जीवन स्तर सुधार दिया, इसलिए छोटे स्तर पर भी हमें जल संरक्षण के लिए गंभीरता से काम करना चाहिए। भारत की नदियों का पानी पाकिस्तान में बह रहा है, जिस पर देश का अधिकार है और उस पर कोई नहीं बोलता है। लेकिन अपने देश में राज्यों के बीच पानी को लेकर विवाद होता है। देश में पानी की कमी नहीं है, लेकिन नियोजन सही न होने के कारण दिक्कत है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी के किनारे वृहद पैमाने पर प्लांटेशन और नदी में गन्दगी न गिरने को लेकर जो प्रयास किए जा रहे हैं, उसके लिए मुख्यमंत्री  बधाई के पात्र हैं, हम कचरे से भी बिजली और गैस आदि बना रहे हैं।इकोलॉजी और एनवायरमेंट के अनुसार हम सॉलिड वेस्ट और लिक्विड वेस्ट मेनेजमेंट में तकनीक का प्रयोग करके हम उसे बदल सकते हैं और नदी किनारों पर ही गाँव के गरीबों और मजदूरों को रोजगार देकर अर्थव्यवस्था को भी बदल सकते हैं

समग्र सत्र

समानान्तर चर्चा (समग्र सत्र) में मुख्य वक्ता के रूप में केन्द्रीय मंत्री उमा भारती जी सहित समानान्तर सत्र के अध्यक्षगण क्रमशः भारती ठाकुर, श्रीनिवास मूर्ति , अजय झा , डॉ अनिर्बन गांगुली उपस्थित रहेंगे। 17 मार्च को समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर , विशिष्ट अतिथि वन मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार उपस्थित रहेंगे एवं इस समापन सत्र की अध्यक्षता विधानसभा के अध्यक्ष डॉ सीताशरण शर्मा करेंगे।

देश-विदेश के प्रतिभागियों ने कराया रजिस्ट्रेशन

नदी महोत्सव में नदी संरक्षण और नदी पर चर्चा के लिए देश-विदेश से लगभग 350 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पहले दिन 16 मार्च को सुबह 9 से 10:30 बजे तक पंजीयन कार्य किया जाएगा। इसी दिन शुभारंभ कार्यक्रम के बाद दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक समानांतर सत्र होगा। सत्र में नदी किनारे की संस्कृति और समाज, नदी, कृषि और आजीविका का परस्पर संबंध, नदी का अस्तित्व और जैव विविधिता तथा सहायक नदियों का संरक्षण, नीतियाँ नियम और संभावनाओं पर विमर्श होगा। शाम 4:30 से 6:30 बजे तक समग्र सत्र होगा। इसके बाद नदी से संवाद अर्थात नर्मदाष्टक का गान किया जाएगा। शाम 7 से रात 8 बजे के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। दूसरे दिन 17 मार्च को सुबह 10 बजे बांद्राभान में सामूहिक बैठक एवं अनुभव कथन के बाद पूर्वान्ह 11:30 बजे महोत्सव का समापन होगा।