पार्टी से नाराज चल रहे अरुण यादव को दिग्विजय की सीख- राजनीति में रखें सब्र

खरगोन।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बाद से अरुण यादव पार्टी से नाराज चल रहे है। उनकी नाराजगी चुनाव में पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी ना कर दे इसलिए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह उन्हें सीख दी है।दिग्विजय ने अरुण यादव से कहा कि राजनीति में ऐसा होता रहता है, थोड़ा सब्र रखे।

दरअसल, दिग्विजय मंगलवार को ग्राम बोरावां में  स्व. सुभाष यादव की पॉचवी बरसी मे शामिल होने पहुंचे थे।यहां उन्होंने कहा कि बुरा मत मानना , मेरे साथ भी यही हुआ था । कुछ लिया जाता है तो उससे बड़ा पद भी मिलता है । राजनीति में सब्र रखें । अरूण यादव ने सब्र रखा है । जो व्यक्ति सब्र नहीं रख सकता वह राजनीति में आगे आ नहीं सकता । हॉलाकि बुरा तो लगता है । लेकिन राजनीति में यह लड़ाई अनंत है । कांग्रेस समुद्र है,  इसमें अपना रास्ता खुद निकालना पड़ता है ।

उन्होंने कहा कि  अरूण यादव और उनके अनुज सचिन यादव के प्रति यहॉ की जनता में अगाध श्रद्धा और गहरा लगाव है । सुभाष भाई ने अपना अमिट स्थान बनाया है । दोनों भाईयों को मिलकर इस धरोहर को आगे बढाने की आज चुनौती है । आगे आना है तो दूसरे के साथ कॉम्पिटिशन नहीं करें, अपनी लाईन को लम्बी खींचे । मैनें भी अपनी लाईन को लम्बी खींचने के लिए नर्मदा मैया की परिक्रमा कर डाली । दोनों भाई अपनी लाईन को लम्बी खींचें । भविष्य तुम्हारा है ।

उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी का पानी सिंचाई के लिए किसानों के खेतों में पहुॅचाकर सुभाष यादव ने निमाड़ अंचल में अपना नाम अमर कर लिया है । निमाड़ अंचल में नहरों का जाल बिछाकर खेतों में नर्मदा नदी का पानी पहुॅचाने का श्रेय केवल सुभाष यादव को जाता है । मेरा और सुभाष भाई का रिश्ता भाई से भी बढ़कर था । हम दोनों के राजनीतिक जीवन में बहुत उतार चढाव आये । आपस में मतभेद भी रहे लेकिन कभी भी मनभेद नहीं रहा । हम दोनों में गहरा भाईचारा और आपसी समझ थी । सुभाष भाई मन से भोले थे । उनके भोले मन में हमेशा उनका गॉव , किसान और सहकारिता के प्रति निष्ठा और लगन थी । जो मैनें किसी दूसरे व्यक्ति में नहीं देखी । उन्होनें अपेक्स बैंक को नई उॅचाईयों पर पहुॅचाया , सहकारी आंदोलन का नेतृत्व करते हुए उसे शीर्ष पर पहुॅचाया । सहकारिता के माध्यम से उन्होनें देश प्रदेश में जो काम किया वह अच्छे अच्छे व्यक्ति भी नहीं कर पाये हैं । 

वही पूर्व केन्द्रीय मंत्री, झाबुआ रतलाम के सांसद और आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया ने स्व. सुभाष यादव को अपनी और समूचे आदिवासी समाज की ओर से पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होनें सहकारी आंदोलन के माध्यम से हमेशा किसानों और गरीबों की लड़ाई लड़ी । दलितों, शोषितों और पीडितों की लड़ाई वे जीवन पर्यन्त लड़ते रहे । स्व. सुभाष यादव के अधूरे सपनों को पूरा करने का आज हम यहॉ पर संकल्प ले रहे हैं । 

इस मौके पर पूर्व सांसद एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि सहकारी आंदोलन के माध्यम से स्व. सुभाष यादव ने आर्थिक विकेन्द्रीकरण कर खेती किसानी के साथ  किसानों को मजबूत बनाया । उन्होनें सामाजिक न्याय और सषक्तिकरण के लिए संघर्ष  किया । उनके बताये पथ पर चलकर हमें आज इन्हीं चुनौतियों का सामना करना है ।