इंदौर की शान रीगल टॉकीज का अस्तित्व खत्म, निगम ने किया कब्जा

इंदौर। आकाश धौलपुरे।

क्या जमाना था क्या दौर था वो जब हर एक कि चाहत होती थी कि यहां 3 घन्टे बीता लिए तो मानो जिंदगी को एक नया मोड़ मिल जाएगा। दरअसल, हम बात कर रहे है मल्टीप्लेक्स के जमाने में सिनेमा के उस इतिहास की जहां कभी गुलज़ार साहब ने अपने कदम रखे तो कभी देवानंद ने अपने प्रशंसकों से मिलकर उनकी दुआएं कबूल की वहीं जहां अक्षय कुमार ने अपने खिलाड़ी अंदाज को दिखाया तो सुनील शेट्टी ने अपने प्रशंसको से खुलकर बात की। 

हम बात कर रहे है इंदौर के उस सिनेमाघर की जो आधुनिक युग मे भी मल्टीप्लेक्स को टक्कर दे रहा था लेकिन आज से एक इतिहास का अंत हो गया है क्योंकि इंदौर नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने आज उसकी ड्रीमगर्ल को रुसवा कर उस पर कब्जा जमा लिया। निगम अधिकारियों व कर्मचारियों ने न्यायालय के आदेश के बाद शहर के प्रसिद्ध रीगल सिनेमा पर अपना कब्जा जमा लिया। बताया जा रहा है कि 22 हजार स्कवेयर फीट में फैले रीगल सिनेमा की लीज कुछ समय पहले समाप्त हो गई। जिसके बाद रीगल प्रबंधन हाइकोर्ट पहुंचा था। हाइकोर्ट में दायर याचिका 7 सितंबर को खारिज हो गई। जिसके बाद निगम ने रीगल टॉकीज को खाली करने के लिए प्रबंधन के नाम नोटिस चस्पा कर दिया। 

निगम ने अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह की देख रेख में रीगल टॉकीज पर कब्जा कर लिया। 7 अप्रैल 1934 में रीगल में पहली फ़िल्म राजा हरिश्चंद्र लगी थी और आज आयुष्मान खुराना अभिनीत ड्रीमगर्ल मूवी के पोस्टर हटाकर निगम ने कब्जा ले लिया। लीज निरस्ती के मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू ये भी है कि आज से इंदौर का रीगल तिराहा भी अपने अस्तित्व समापन की आखरी घड़िया गिन रहा है। जिसे इंदौर में शोहरत हासिल है। ड्रीमगर्ल के पोस्टर हटाने के बाद आखिर में निगम ने कब्जा ले लिया और निगम अधिकारियों की माने तो कोई नया प्रोजेक्ट उस स्थान पर लाया जाएगा। वही सिनेमाघर प्रबंधन की ओर से मैनेजर मुकेश शाह भूली बिसरी यादे सुनाते नजर आए। निगम के कब्जे के बाद अब हर इंदौरी के मन मे रीगल, गल सा गया है और अब बस यादे ही जेहन में रह जायेगी क्योंकि इंदौर आधुनिक जो हो चला है।

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