पैराशूट नेता को टिकट देने पर भड़के भाजपा विधायक, निर्दलीय चुनाव लड़ने की दी चेतावनी

मंडला। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बगावती सुर तेजी से फूट रहे है। भाजपा में दूसरी सूची जारी होने के बाद बागियों की संख्या में बढोतरी हो रही है । टिकट ना मिलने से एक के बाद एक नेता बगावत पर उतर आये है। कोई दूसरे दल में जाने की बात कर रहा है, कोई निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर रहा है। मंडला जिले की बिछिया विधानसभा सीट से विधायक पंडित सिंह धुर्वे ने भी बगावती तेवर दिखाए हैं| टिकट कटने से नाराज धुर्वे बागी हो गए हैं और सैंकड़ों कद्दावर कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का अल्टीमेटम दे चुके हैं। ऐसे में पार्टी के लिए अब नई मुसीबत खड़ी हो गई है। माना जा रहा है कि अगर बागियों के तेवर इसी तरह रहे तो पार्टी का गणित बिगाड़ सकते है।

बिछिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का भी दखल रहता है। यहां चुनाव में भाजपा के पंडित सिंह धुर्वे, कांग्रेस के नारायण सिंह पट्टा और गोंगपा के कमल सिंह मरावी के बीच ही मुकाबला रहता है। पिछले विधानसभा चुनाव में पंडित सिंह ने नारायण सिंह को हराया था।लेकिन इस बार पार्टी ने धुर्वे का टिकट काट दिया है और उनकी जगह शिवराज शाह को मैदान में उतारा है। बताया जा रहा है कि जनता धुर्वे की कार्यशैली से खुश नही थी और उनका फीडबैक भी कोई अच्छा नही रहा, जिसके चलते पार्टी ने पैराशूट नेता शिवराज शाह की लैंडिग कराई गई है। वही कांग्रेस ने नारायण पट्टा को मैदान में उतारा है। ऐसे में अब  वर्तमान विधायक धुर्वे बागी होकर खुलकर प्रत्याशी बदलने की बात कह रहे हैं। 

सोमवार देर शाम विधायक अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ जिला कार्यालय पहुंचे और घेराव किया। धुर्वे ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर पार्टी प्रत्याशी नहीं बदलती है तो सभी कार्यकर्ता इस्तीफा देकर किसी एक को निर्दलीय चुनाव लड़ा सकते हैं।वही  पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष विजेंद्र सिंह कोकाड़िया, जिला पंचायत सदस्य सरस्वती मरावी, जनपद सदस्य नीतू मरकाम, जिला पंचायत सदस्य नीरज मरकाम, मंडी अध्यक्ष सुनील नामदेव सहित सैंकड़ों कार्यकर्ता भी बागी हो चले है।

बताते चले कि मंडला जिले के बिछिया सीट पर पिछली बार भाजपा के पंडित सिंह धुर्वे ने त्रिकोणीय मुकाबले में तत्कालीन कांग्रेस विधायक नारायण सिंह पट्टा को हराया था।वही 2008  वाले चुनाव में नारायण सिंह ने धुर्वे को हराया था। इस क्षेत्र में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का दखल है, जो पिछले चुनाव में कांग्रेस की हार का मुख्य कारण रहा। गोंगपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे थे। ऐसे में भाजपा कोई रिस्क नही लेना चाहती थी, इसलिए पैराशूट नेता को मैदान में उतार दिया।भाजपा को डर था कि धुर्वे के रहने से कही उनका गणित ना बिगड़ जाए, जैसा का पिछले चुनाव में कांग्रेस का बिगड़ा था, इसलिए धुर्वे का टिकट काटा गया है।


विधानसभा चुनाव 2013


भाजपा- पंडित सिंह धुर्वे-  65,836 (39.33%)


कांग्रेस- नारायण सिंह पट्टा- 47,520 (28.39%)


गोंगपा-कमल सिंह मरावी- 34,837 (20.81%)


विधानसभा चुनाव 2008


कांग्रेस- नारायण सिंह पट्टा- 47,286 (33.99%)


भाजपा-पंडित सिंह धुर्वे- 42,116 (30.28%)


गोंगपा-कमल सिंह मरावी- 26,612 (19.13%)