सहकारी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, ठप हुए किसानों के काम

सिवनी| सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन पर जाने का निर्णय लिया है। तीन सूत्रीय मांगों के पूरा नहीं होने पर प्रदेश सहित जिले के सहकारी संस्थाओं के कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हुए हैं। जिले के सभी सहकारी कर्मचारियों ने आज अपने इस प्रदेश व्यापी आन्दोलन की शुरुआत मप्रसहकारी संस्थाए कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कलक्ट्रेट के सामने की है।

सहकारी कर्मचारी वेतन बढ़ाने,सेवा निवृति की आयु 62 वर्ष करने,सहकारी कर्मचारियों के जिला केडर स्थानान्त्र्ण नीति लागू करने,नयी ग्रामीण उचित मुल्य दुकाने स्व-सहायता समूहों को न देकर सहकारी समितियों द्वारा ही संचालन करने,सहकारी कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों का दर्जा देने ,समर्थन मुल्य खरीदी के दौरान अनाज परिवहन ठेकदार द्वारा नहीं दी गयी लोडिंग की लाखों रुपयों की राशि समितियों को दिलाने जैसी मांगों को लेकर आन्दोलन की राह पर हैं| 

इससे पहले सहकारी कर्मचारियों ने 12 फरवरी को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सांकेतिक एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया था और शासन द्वारा मांगे नहीं सुने जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात कही थी जिसके बाद आज से कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है| सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इस हड़ताल का असर किसानों के ऋण माफी कार्य, ऋण वितरण, राशन वितरण, बीज वितरण कार्य, बचत बैंकों में लेनदेन का कार्य, खाद बीज वितरण सहित अन्य काम प्रभावित होंगे। इससे सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों को हो रही है| 

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