प्रधानमंत्री योजना का आवास ना मिलने पर ग्रामीण ने खाया जहर, सरपंच-सचिव पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप

शाजापुर

मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में जनसुनवाई के दौरान इंसाफ ना मिलने पर एक ग्रामीण ने जहर खा लिया। घटना के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारियों द्वारा उसे अस्पताल भर्ती करवाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।मौके पर पहुंचे पुलिस और राजस्व अधिकारियों ने आवेदक के बयान दर्ज कर जांच शुरु कर दी ।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को पचावता ग्राम पंचायत के जामन गांव का रहवासी भेरूलाल का नाम  प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के तौर पर सूची में शामिल किया गया है।सूची में नाम शामिल होने के बावजूद उसे आवास ना मिलने की शिकायत लेकर वह  जिले के मोहन बड़ोदिया जनपद पंचायत कार्यालय में पहुंचा।जहां उसने एक बार फिर अधिकारियों के सामने ये बात रखी।लेकिन बार- बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद भी जब उसकों इंसाफ ना मिला तो उसने कार्यालय में ही जहर पी लिया। ग्रामीण के जहर पीते ही हड़कंप मच गया और अधिकारियों द्वारा आनन-फानन में उसे अस्पताल भर्ती करवाया गया।जहां उसकी हालत ठीक बताई जा रही है।वही मामले को गंभीरता से लेते हुए टीआई और नायब तहसीलदार ने बयान दर्ज किए है।

ग्रामीण का आरोप है कि पीएम आवास की सूची में उसका नाम करीब 9 माह पहले ही आ गया था, लेकिन इसके बाद भी लाभ नहीं मिला।  जब उन्होंने पंचायत में इसके संबंध में गुहार लगाई तो उन्हें आजकल कहकर टाला जाता रहा। बाद में सरपंच के भाई कैलाश और पंचायत के मंत्री (सचिव) ने उनसे आवास योजना का लाभ देने के मामले में 10 हजार रुपए की मांग की है।