बीजेपी विधायक का आरोप, नकली इंजेक्शन लगाने वाले अस्पताल का पॉलिटिकल कनेक्शन!

निजी अस्पताल

भोपाल डेस्क रिपोर्ट। बीजेपी के विधायक और शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके जालम सिंह पटेल ने इंदौर के सिटी अस्पताल जबलपुर पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने इस अस्पताल की जांच के लिए जबलपुर के कमिश्नर और आईजी को पत्र लिखा है।

नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन मामला, अब सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका हुई दायर

बीजेपी विधायक जालम सिंह पटेल ने सिटी अस्पताल जबलपुर को लेकर जबलपुर के संभाग आयुक्त और पुलिस महा निरीक्षक को पत्र लिखा है और इस पत्र में अस्पताल में नकली रेमिडीसिवर इंजेक्शन लगाकर सुनियोजित तरीके से पैसे वसूले जाने की जांच की मांग की है। इस अस्पताल के ऊपर नकली इंजेक्शन लगाकर मरीजों को मारने और नए मरीजों को एडमिट कर उनसे पैसे वसूलने का भी आरोप लगाया गया है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि इस अस्पताल के अनेक राजनीतिक साइलेंट पाटनर हैं जो अस्पताल को अपराध करने में ताकत दे रहे हैं। बिंदुवार इस पत्र में बीजेपी विधायक ने अस्पताल पर आरोप लगाए हैं। इसमें लिखा गया है कि मरीज एडमिट होने से पहले 1 से 5 लाख तक जमा कर लिए जाते थे और किस दिन किस पेशेंट को मारा जाएगा, यह पहले से तय कर लिया जाता था। उन्होंने आईजी और कमिश्नर से इस बात की भी मांग की है कि सिटी अस्पताल में नरसिंहपुर जिले के कितने मरीज एडमिट हुए, कितने लोगों से कितने पैसे वसूले गए और कितने लोगों की मृत्यु हुई, इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा अस्पताल 10 सालों से सरकारी योजनाओं जैसे आयुष्मान राज्य बीमारी सहायता योजना, पीएम, सीएम केयर फंडों से बिना किसी बीमारी के इलाज कर पैसे की हेराफेरी कर रहा है, यह भी आरोप लगाया गया है। इस अस्पताल के ऊपर छोटी बीमारियों के मरीजों को बड़ी बीमारियों के नाम पर इलाज कर पैसे की हेराफेरी का भी आरोप लगाया गया है। बीजेपी विधायक ने इस अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

शिवराज के मंत्री ने बताई- पन्ना की रुंझ नदी में शव मिलने के पीछे की पूरी सच्चाई

बीजेपी विधायक के पत्र के सामने आते ही राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है और लिखा है कि क्या शिवराज जी अपने ही विधायक की शिकायत पर जांच कराएंगे। यह जांच सर्वदलीय विधानसभा की समिति को करना चाहिए क्योंकि आरोप नकली रेमेडिसिविर इंजेक्शन देने और उसमें भी कालाबाजारी का है इसीलिए देखना है कि शिवराज जी ऐसे लोगों पर कार्रवाई करते हैं या नहीं।