MP By-Election: कांग्रेस का प्लेकार्ड, सिंधिया को बताया अनुसूचित जाति विरोधी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश(Madhyapradesh) की सियासत में आगामी उपचुनाव(Upcoming by-election) को देखते हुए राजनीति का दौर शुरू हो गया है। सिंधिया पर लगातार हमलावर हो रही कांग्रेस(congress) अब अपने ही बिछाए जाल में फंस गई है। प्रदेश में लगातार सिंधिया(Scindia) और उनके समर्थक नेता को गद्दार बताने वाले विपक्ष पर ज्योतिरादित्य सिंधिया(Jyotiraditya Scindia) ने पलटवार किया है। जिसके बाद से अब कांग्रेस दूसरे तरीके से राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने के मूड में है। अब विपक्ष(Opposition) उनपर अनुसूचित जाति विरोधी(Anti scheduled caste) होने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस का कहना है कि राज्यसभा सांसद और बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया अनुसूचित जाति विरोधी हैं और इसी वजह से उनके समर्थक नेताओं में से किसी भी अनुसूचित जाति के नेता को मंत्री पद नहीं मिला है।

दरअसल मध्यप्रदेश में होने वाले 27 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर रणनीतियों के तहत आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। प्रदेश भर में सिंधिया और उनके समर्थित नेताओं को गद्दार करार देने के बाद अब कांग्रेस उनपर जाति विरोधी होने का भी आरोप लगा रही है। कांग्रेस का कहना है कि सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके पास अनुसूचित जाति से छह समर्थित नेता थे लेकिन इमरती देवी के अलावा किसी भी नए नेता को मंत्री का पद नहीं दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अनुसूचित जाति विरोधी है और सिंधिया उनके मुख्यालय में पहुंचकर उनकी नीतियों को अपना रहे हैं। जिसको लेकर कभी सिंधिया समर्थक रहे प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत(Congress Working President Ramnivas Rawat) ने ज्योतिरादित्य पर बड़ा हमला बोला है।

रावत ने कहा कि ग्वालियर चम्बल से अनुसूचित जाति वर्ग के 6 विधायकों ने पार्टी छोड़ी थी। जिनमें कमलेश जाटव(Kamlesh Jatav), जसवंत जाटव(Jaswant Jatav), जजपाल सिंह जज्जी(Jajpal Singh Jadji), रक्षा सिरोलिया और रणवीर जाटव(Ranveer Jatav) भी मौजूद थे। किंतु सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद इमरती देवी(Imarti Devi) के अलावा इनमें से किसी को भी मंत्री पद नहीं सौंपा गया। रावत ने यह भी कहा कि इमरती देवी कमलनाथ सरकार में मंत्री रही थी। इनकी इस कारण से उनका दावा पहले से ही मौजूद था। रावत ने यह भी आरोप लगाया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया जिस RSS के गढ़ में पहुंचे थे। वह अनुसूचित जाति विरोधी है और नागपुर पहुंचकर सिंधिया ने उनकी नीतियों को अपना लिया है। रामनिवास रावत ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि ग्वालियर स्थित उनके महल में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की पहुंच तक नहीं है।

बता दे कि प्रदेश में आगामी 27 सीटों पर उपचुनाव को लेकर कांग्रेस के तरफ से यह आरोप बड़ा दांव माना जा रहा है। 27 सीटों में से 16 सीट अकेले ग्वालियर चंबल संभाग में है। जहां अनुसूचित जाति का बड़ा वोट बैंक है। अंबाह, करेरा, भांडेर, अशोकनगर जैसे विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है ऐसे में कांग्रेस दांव पर जाति विरोधी होने का आरोप लगाकर ग्वालियर चंबल के लोगों के बीच सक्रिय होने का कार्य कर रही है। जिसको लेकर लगातार सोशल मीडिया पर सिंधिया के लिए अनुसूचित जाति विरोधी होने और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की उपेक्षा करने के आरोप को प्रचारित किया जा रहा है। अब देखना दिलचस्प है कि आगे आने वाले समय में बीजेपी और खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के इस आरोप पर क्या पलटवार करते हैं।