MP News: विभाग ने हजारों कर्मचारियों को थमाया नोटिस, एस्मा लगाने की तैयारी, ये है मामला

गेहूं, चना और अन्य फसल की खरीद के लिए पंजीयन में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो कि कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में सहकारिता विभाग (cooperative Department) के आउटसोर्स कर्मचारी की हड़ताल (strike) और किसानों के पंजीयन (registration) में आ रहे दिक्कत के बाद अब राज्य सरकार ने इन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन (action) लेने का निर्णय लिया है। सहकारिता विभाग ने हड़ताल करने वाली 14321 कर्मचारियों को बर्खास्त करने का नोटिस (notice) थमा दिया है। साथ ही उन्हें हिदायत दी गई कि यदि कर्मचारी सोमवार तक काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल प्रदेश में सहकारिता विभाग के कर्मचारी सरकार के खिलाफ हड़ताल पर है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से सहकारी समिति द्वारा संचालित 15000 से अधिक उचित मूल्य दुकान बंद है। ऐसे में ना तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public distribution system) के तहत राशन वितरित किया जा रहा है और ना ही गेहूं उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन  (Registration of farmers for wheat procurement) हो रहा है। वहीं सरकार ने साफ कहा कि गेहूं पंजीयन में किसी भी तरह की दिक्कत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिले के कलेक्टरों को निर्देश

इसके लिए सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए सहकारिता विभाग के कर्मचारियों को बर्खास्त करने के नोटिस थमा दिए गए हैं। वहीं जिले के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि राशन वितरण और किसानों का गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन करने के लिए वैकल्पिक अमला तैनात किया जाए। इतना ही नहीं राज्य शासन हड़ताल पर गए कर्मचारियों पर एस्मा लगाने की भी तैयारी कर रही है।

ली जाए ग्राम सहायक और पंचायत सचिवों की सेवा 

इस मामले में प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई और सहकारिता प्रमुख सचिव उमाकांत यादव ने कलेक्टर को निर्देश देते हुए कहा कि राशन वितरण के लिए दुकानों पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए। ग्राम सहायक और पंचायत सचिवों की इसमें सेवा ली जा सकती है। इसके साथ ही सहकारी समितियों का कोई सेल्समैन या समिति व्यवधान उत्पन्न करती है तो उनके खिलाफ एफआईआर किया जाए।

Read More: MP News: राहुल गाँधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव, BJP सांसद ने की कार्रवाई की मांग 

अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर हजारों आउटसोर्स कर्मचारी

बता दें कि सहकारिता विभाग के हजारों कर्मचारी अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर है। वहीं उनकी मांग है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। इसके साथ ही उन्हें वेतन भत्ते और अन्य सुविधाएं दी जाए। कब जारी होगी मांगे क्यों नहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ढाई साल का लंबित कमीशन दे दिया जाए।

विभाग का कहना है

इधर विभाग का कहना है कि कर्मचारियों की कुछ मांगों का निराकरण किया गया है लेकिन बावजूद इसके कर्मचारी अपनी हड़ताल वापस लेने को तैयार नहीं है। विभागीय बातचीत के बाद भी हड़ताली कर्मचारी जब वापस काम पर लौटने को तैयार नहीं है तो विभाग द्वारा उन्हें नोटिस थमा दिया गया है।

काम पर नहीं लौटते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए- कमल पटेल

इससे पहले कृषि मंत्री कमल पटेल (kamal patel) ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से काम पर लौट आने को कहा था। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि मंत्री का कहना था कि सहकारिता सचिव के आश्वासन के बाद सभी कर्मचारी हड़ताल पर है। ऐसा करने से गेहूं, चना और अन्य फसल की खरीद के लिए पंजीयन में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो कि कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here