ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल सहित ऑनलाइन कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार ने उठाया यह बड़ा कदम, अधिसूचना जारी

माना जा रहा है कि लगातार फैल रही गलत जानकारियों एवं कोई नियम ना होने के कारण वायरल हो रही हानिकारक कंटेंट रोकने को लेकर यह कदम उठाए गए हैं।

ऑनलाइन कंटेंट

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। केंद्र सरकार (central government) ने ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल (Online news portal) और ऑनलाइन कंटेंट प्रोग्राम (Online content program) को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। जिसके मुताबिक ऑनलाइन न्यूज पोर्टल (Online News Portal) और ऑनलाइन कंटेंट प्रोग्राम (Online content program) सूचना और प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) के अधीन होंगे। केंद्र सरकार ने आज इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

बता दें कि अदालत सालों से इस बात की वकालत करती आई है कि डिजिटल मीडिया (Digital Media) के नियमन (Regulation) की जरूरत है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने भी एक मामले में कहा था कि ऑनलाइन माध्यमों का नियमन टीवी (TV) से ज्यादा जरूरी हो गया है और सरकार को इस मामले को मंत्रालय (Ministry) के तहत लाने का कदम उठाना चाहिए।

वहीं दूसरी तरफ सूचना प्रसारण मंत्रालय के तहत ऑनलाइन फिल्मों के साथ-साथ ऑडियो-वीडियो कार्यक्रम (Audio-video program), ऑनलाइन समाचार, करंट अफेयर के कंटेंट शामिल किए जाएंगे। इस मामले में पिछले दिनों सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर (Information Broadcasting Minister Prakash Javedkar) ने कहा था कि सरकार मीडिया की स्वतंत्रता पर असर पड़े ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगी।

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि प्रिंट (Print), इलेक्ट्रानिक मीडिया (Electronic Media) के साथ-साथ अब ओटीटी प्लेटफॉर्म (OTT Platform) के लिए भी नियमन होने चाहिए। वह इससे पहले मंत्रालय ने यह भी कहा था कि मीडिया में हेट स्पीच (Hate speech) को देखते हुए गाइडलाइन (Guideline) जारी करने से पहले एक समिति की नियुक्ति होनी जरूरी है।

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बता दें कि खुले तौर पर हेट स्पीच कंटेंट सहित कई ऐसे कंटेंट ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आजकल तेजी से वायरल किए जा रहे हैं। जिसको देखते हुए पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ओटीटी (OTT) प्लेटफार्म पर नियमन की मांग वाली याचिका को लेकर केंद्र सरकार को नोटिस भेजा था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा भेजे इस नोटिस में कहा गया था कि ओटीटी प्लेटफॉर्म के चलते आर्टिस्ट सेंसर बोर्ड (Censor board) के निर्देश एवं सर्टिफिकेशन (Certification) के के बिना अपने कंटेंट पब्लिश करते हैं, जो समाज के लिए भी हानिकारक है। ऐसे ही इनके लिए भी एक नियमन (Regulation) होना चाहिए।

वहीं दूसरी तरफ डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को सुविधा देते हुए सरकार ने कहा था कि डिजिटल मीडिया के पत्रकार, फोटोग्राफर को पीआईबी मान्यता जैसे लाभ देने पर विचार किया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा था कल डिजिटल मीडिया को अपने ही तो को आगे बढ़ाते और सरकार से संवाद के लिए नियमन संस्था (Regulatory Body) का गठन करना चाहिए।

अब सरकार ने ऑनलाइन माध्यमों से न्यूज कंटेंट देने वाले सभी माध्यम को मंत्रालयों के अधीन लाने का कदम उठाया है। वही माना जा रहा है कि लगातार फैल रही गलत जानकारियों एवं कोई नियम ना होने के कारण वायरल हो रही हानिकारक कंटेंट रोकने को लेकर यह कदम उठाए गए हैं।

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