प्रदर्शन कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, 15 घायल, 15 को भेजा जेल

ज्ञात हो कि सेवा कार्य के लिए 6213 कर्मचारी रखे गए थे। जिनमे आधे को 30 नवंबर को निकाल दिए गए। वहीँ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने पर अड़े रहने पर 15 स्वास्थ्यकर्मियों को जेल भेजा गया है। 

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। संविदा नियुक्ति (Contract appointment) की मांग को लेकर नीलम पार्क में प्रदर्शन करें 500 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों (Health workers) पर पुलिस (police) ने लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही साथ नहीं मानने पर उन्हें पुलिसकर्मी द्वारा जबरन उठाने का प्रयास किया गया है। पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों को सिर्फ 1 दिन प्रदर्शन के लिए अनुमति दी गई थी लेकिन प्रदर्शनकारी उठने को तैयार नहीं थे। जिस कारण ये कारवाई की गई।

दरअसल मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के 500 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी भोपाल (bhopal) के नीलम पार्क में संविदा और परमानेंट नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे उनका आरोप है कि सरकार ने 8 महीने उन से कार्य करवा कर उन्हें नौकरी से निकाल दिया है। वहीं प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि सरकार से सेवा बहाली और नियमितीकरण की मांग को लेकर वह मंत्री प्रभुराम चौधरी (Prabhuram chaudhary) से मुलाकात कर चुके हैं लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आया।

Read More: MP News: गांजा तस्करों पर पुलिस की कार्रवाई, पैडलर्स पहुंचाते थे छात्रों तक गांजा, 6 गिरफ़्तार

उनका यह भी कहना कि जब तक सरकार संविदा नियुक्ति की बात नहीं करेगी। तब तक वह प्रदर्शन छोड़कर नहीं उठेंगे। इसके बाद गुरुवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें अपनी जगह से हटने को कहा लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जगह से हटने को तैयार नहीं थे। जिसके कारण पुलिस को बलपूर्वक उन्हें उनकी जगह से हटाना पड़ा।

इस मामले में टीआई वीरेंद्र सिंह का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों को नीलम मैदान में 1 दिन के प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी। इसके बाद जब पुलिस प्रदर्शनकारी को हटाने गई तो प्रदर्शनकारी पुलिस से ही भीड़ गए। जिसके बाद पुलिस को उन पर लाठियां भांजनी पड़ी।

हालांकि पुलिस ने इस दौरान महिलाओं तक को नहीं छोड़ा। जिसके बाद प्रदर्शन कर रही महिला समेत 15 लोगों को चोट आई है। इसके साथ ही पुलिस ने 15 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ज्ञात हो कि सेवा कार्य के लिए 6213 कर्मचारी रखे गए थे। जिनमे आधे को 30 नवंबर को निकाल दिए गए। वहीँ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने पर अड़े रहने पर 15 स्वास्थ्यकर्मियों को जेल भेजा गया है।