प्रदेश के 4 लाख कर्मचारियों को शिवराज सरकार ने दिया बड़ा झटका, यह है कारण

40% राशि पेंशन फंड के नाम पर की जा रही

सातवें वेतनमान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। करीबन 4 साल से पुरानी पेंशन के लाभ की मांग कर रहे कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है प्रदेश के 4 लाख से अधिक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन (old pension) का लाभ नहीं मिल सकेगा। दरअसल न्यू पेंशन स्कीम (new pension scheme) को खत्म कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग कर रहे कर्मचारियों को बड़ा झटका देते हुए सरकार के वित्त विभाग ने इसे निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही वित्त विभाग दूसरी तरफ से कहा गया है कि प्रदेश में पेंशन नियम 72 लागू नहीं होने की वजह से पुरानी पेंशन लाभ के लिए आवेदन को खारिज किया गया है।

बता दें कि प्रदेश के 4 लाख से अधिक कर्मचारी, अध्यापक और पंचायत सचिव द्वारा पुरानी पेंशन का लाभ की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने नई पेंशन स्कीम को खत्म करने की भी मांग की थी। पुरानी पेंशन के लाभ के लिए प्रदेश के कई जिलों से शिक्षकों ने लोक शिक्षण संचालनालय (Directorate of public education) में आवेदन भेजे थे।

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जिसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त जयश्री कियावत (Jayashree kiyavat) ने वित्त विभाग को पत्र लिखकर पेंशन नियम को पुरानी पेंशन के दायरे में लाकर लाभ देने के विषय में जानकारी ली। वहीं वित्त विभाग ने जवाब में कहा कि मध्यप्रदेश में पेंशन नियम 1972 लागू नहीं है। इस जगह पर पेंशन नियम 2005 को मान्य किया जाएगा। जिसके कारण पुरानी पेंशन के लाभ के लिए सभी आवेदन को निरस्त कर दिए गए हैं।

ज्ञात हो कि न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारियों के रिटायरमेंट (retirement) पर घाटे का सौदा बन रही है। इस पेंशन स्कीम के तहत 10 फ़ीसदी कर्मचारी के वेतन से कटौती और 10 फ़ीसदी का हिस्सा सरकार द्वारा मिलाया जा रहा है। जिसे कुल मिलाकर रिटायरमेंट में उन्हें 60 फीसद नगद बाकी 40 फ़ीसदी पेंशन फंड में जमा की जा रही है।

इतना ही नहीं न्यू पेंशन स्कीम के तहत 1997 से 2004 के बीच सेवा में कर्मचारी जो पेंशन के पात्र हैं। उनकी भी पेंशन बंद कर दी गई। जिसके बाद कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन नियम को लागू कर नई पेंशन स्कीम को खत्म करने की मांग की जा रही थी।

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