इंदौर कलेक्टर ने क्यों कहा- “कोरोना पॉजिटिव केस सामने आना पॉजिटिव बात”

इंदौर।आकाश धौलपुरे।

मध्यप्रदेश का मिनी मुंबई कहा जाने वाले इंदौर लगातार कोरोना वायरस के संक्रमण में आ रहा है।बुधवार को इंदौर में कुल 20 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसके बाद उन लोगों को क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है। जिसके बाद से प्रशासन इन्हें लेकर अलर्ट हो गया है। वहीं 200 लोगों के सैंपल और राजधानी भोपाल जांच के लिए भेजे गए। इंदौर कलेक्टर ने कहा के कोरोना पॉजिटिव आना एक सुखद बात इसलिए भी है ताकि पॉजिटिव आए लोगों के संपर्क में आए लोगों को आसानी से क्वॉरेंटाइन किया जा सके। उनकी पहचान होने पर उन्हें क्वॉरेंटाइन करने के बाद यह बीमारी दूसरे आमजनों तक नहीं फैल सकती है। उन्होंने कहा कि संख्या बढ़ना चिंता की बात नहीं है क्योंकि यह संख्या और ज्यादा बढ़ सकती है। बस इन संक्रमित लोगों को पकड़कर इन्हें क्वॉरेंटाइन करने से इस संक्रमण को फैलने से रोक सकते हैं।

इंदौर कलेक्टर ने कहा कोरोना पॉजिटिव आए लोगों की शिनाख्त हो जाने के बाद हमारे लिए आसान हो जाता है कि हम उनके संपर्क में लोगों को तत्काल क्वॉरेंटाइन कर देते हैं। जिससे कि यह बीमारी दूसरे आम जनों तक नहीं पहुंच पाती है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने का एकमात्र उपाय है। उन्होंने बताया कि 200 सैंपल और भी टेस्ट के लिए भेजे गए हैं जिसके बाद उनके सैंपल आज शाम तक इंदौर पहुंचेंगे। वही कुछ संदिग्ध लोगों की जानकारी उन तक आई थी किंतु पुलिस प्रशासन के पहुंचने पर पता चला कि उनकी जानकारी गलत थी उन लोगों द्वारा सही पता नहीं दिया गया था। इंदौर कलेक्टर ने कहा कि यह संक्रमण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बहुत तेजी से फैलता है। इस कारण से प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी को उनके घर में रहने के लिए कहा जाए। संपर्क में नहीं आने से यह वायरस और लोगों तक नहीं फैल पाएगा। इंदौर कलेक्टर ने कहा की जनता को निर्देश इसलिए दिए जा रहे हैं ताकि जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा की जा सके। वहीं उन्होंने कहा कि को रोना संक्रमण से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि बहुत से लोग इसे ठीक भी हो रहे हैं। 80% लोगों में इस संक्रमण के बाद उसे 14 दिन में ठीक किया जा सकता है किंतु यह एक कैरियर की तरह हो जाता है जिस के संपर्क में आने पर सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों होता है। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है किंतु यदि आप इस वायरस से साथ किसी बुजुर्ग व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो यह उस बुजुर्ग व्यक्ति के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए उन्होंने जनता से अपील की है कि वह सरकार तथा प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। घरों में रहें।

दूसरी तरफ उन्होंने बताया कि इंदौर के रानीपुरा ,नयापुरा चंदननगर और खजरारे और आजाद नगर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं संदिग्ध को पकड़कर उसकी जांच की जा रही है तथा उनके सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं ताकि अगर उनमें थोड़े से भी वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हें तुरंत क्वॉरेंटाइन किया जा सके। वहीं उन्होंने अन्य प्राइवेट डॉक्टरों से अपील की है कि अगर वह सहायता देना चाहते हैं तो सहायता दे सकते हैं। वहीं नगर निगम को भी आदेश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक लोगों तक पका पकाया भोजन दिया जा सके ताकि उन्हें खाने-पीने की कमी ना हो। वहीं उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के जरिए वह लोगों को बताएं कि किस तरह से आमजन आर्थिक मदद कर लोगों की सहायता कर सकते हैं।

गौरतलब हो कि इंदौर में अब तक प्रदेश के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं जिसके बाद से इंदौर को 3 दिन के लिए पूर्ण लॉक डाउन कर दिया गया।