स्कूल, शिक्षा-किसानों को लेकर क्या बोले सीएम शिवराज सिंह चौहान, पढे़ यहां

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में हम सीएम राइज स्कूल (CM Rise School) प्रारंभ कर रहे हैं।

शिवराज सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज #HorasisIndiaMeeting के वार्षिक सम्मेलन में ‘Madhya Pradesh – India’s Emerging Economic Tiger’ विषय पर उद्बोधन पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में हम सीएम राइज स्कूल (CM Rise School) प्रारंभ कर रहे हैं, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। उच्चस्तरीय व्यवस्था के साथ शिक्षा की भी उत्तम व्यवस्था होगी।हम युवाओं का कौशल विकास कर उनके जीवन को दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का दिल है, MP के लोग दिलवाले भी हैं। मध्यप्रदेश ने सबको प्यार दिया है और य़हां जैसी विशेषताएं कहीं और नहीं हैं।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि आज के परिवेश में सभी क्षेत्रों में विकास के लिए सभी को वैल्यू एडिशन पर ध्यान देना होगा। इसी क्रम में किसानों (Farmers0 की आय में वृद्धि के लिए उनको भी अपनी फसल में वैल्यू एडिशन करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है,जिसमें उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।MP की पारम्परिक अर्थव्यवस्था (Economy) मुख्य तौर पर कृषि आधारित रही है और आज के इस दौर में मौसम आधारित कृषि अर्थव्यवस्था के समुचित विकास के लिए औद्योगिकीकरण आवश्यक है। किसी भी देश, राज्य या जिले के विकास में औद्योगिकीकरण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा मध्यप्रदेश में एक नहीं अनेकों विशेषताएं हैं। कृषि (Agriculture) के मामले में आज मध्यप्रदेश देश में नंबर वन है। कृषि उत्पादों की वैल्यू एडिशन पर हमारा फोकस है। देश की 27% ऑर्गेनिक फार्मिंग मध्यप्रदेश में होती है। हम इसे बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। FPO बनाकर हम किसानों को संगठित कर ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। भारत के भविष्य के निर्माण के लिए बिज़नेस लीडर्स भारत सरकार और प्रमुख हस्तियों के साथ मिलकर @HorasisOrg कार्य कर रहा है।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में सूर्य 365 दिन में से 200 दिन चमकता है। इसलिए यहां सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।रीवा में 750 मेगावॉट के सौर ऊर्जा प्लांट के साथ हम अनेक इकाइयों के साथ प्रदेश को रौशन करने में जुटे हैं। सोलर एनर्जी के क्षेत्र में हम लगातार काम कर रहे हैं। ओंकारेश्वर बांध में हम पहला फ़्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने जा रहे हैं। मिनरल के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में अपार संभावनायें हैं। हमारी वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स पॉलिसी भी निवेशकों के लिए बहुत सुलभ और सुगम है।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टेक्सटाइल के क्षेत्र में हम लगातार बढ़ रहे हैं। यह क्षेत्र जहां एक तरफ बड़ी संख्या में रोजगार सृजत करता है वहीं महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस क्षेत्र में हमारी पॉलिसी बहुत ही ऐक्टिव और अग्रेसिव है।वैश्विक महामारी कोरोना के बावजूद मध्यप्रदेश ने पिछले दशक में जीडीपी में 125% से अधिक की वृद्धि दर्ज की है। प्रधानमंत्री जी (PM Narendra Modi) के ‘जीवन भी और जीविका भी’ के संकल्प और प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण ही इस महामारी के दौरान भी हमने प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों में निरंतरता बनाए रखी।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है। यहाँ उद्योगों के लिए अत्यंत अुनकूल वातावरण है। यहाँ खनिज, जल और वन सम्पदा के साथ ऊर्जा पर्याप्त मात्रा में है। इसके अलावा भरपूर जमीन, कुशल मानव संसाधन, औद्योगिक शांति, औद्योगिक क्षेत्र आदि हैं। हमारी निवेश नीति उद्योग फ्रेंडली है। हम निवेशकों की आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखते हैं तथा उन्हें उदारतापूर्वक पैकेज देते हैं। मध्यप्रदेश में अपार खनिज सम्पदा है। यहाँ हीरा, चूना-पत्थर, कोयला, मैगनीज, आयरन ऑर आदि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। यहाँ खनिज आधारित उद्योग अधिक से अधिक लगाए जाने चाहिए।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र में बड़ी संभावनाएँ हैं। यहाँ टेक्सटाइल सेक्टर की सम्पूर्ण वैल्यू चैन जिनिंग, स्पिनिंग, गारमेंटिंग के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध है। पारम्परिक तौर पर मध्यप्रदेश चंदेरी साड़ी, माहेश्वरी साड़ी तथा बाघ प्रिंट का गृह राज्य है। हमारी नीति उदार एवं प्रोग्रेसिव है।मध्यप्रदेश में ऑटोमोबाइलस एवं आई.टी. क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं। इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर में IT पार्क स्थापित किए गए हैं। हमारे यहाँ एस.ई.जेड है।

सिंगापुर की तर्ज पर कौशल विकास

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में 30 प्रतिशत फॉरेस्ट कवर है। यहाँ बाँस आधारित उद्योग तथा फर्नीचर निर्माण की अच्छी संभावना है। यहाँ टॉय क्लस्टर भी विकसित किया जा रहा है। इन क्षेत्रों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं।मध्यप्रदेश में सिंगापुर की तर्ज पर कौशल विकास किया जा रहा है। सिंगापुर के सहयोग से यहाँ ग्लोबल स्किल पार्क बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जब वे सिंगापुर गए तब उन्होंने वहाँ सेंटोजा आइलेंड देखा। उसकी तर्ज पर मध्यप्रदेश में हनुवंतिया विकसित किया गया है।

मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन की भी अपार संभावनाएँ हैं। मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है तथा कभी-कभी तो सैलानियों को टाइगर से हैण्डशेक का भी मौका मिल जाता है। प्रदेश में 11 रार्ष्टीय उद्यान है तथा साँची, खजुराहो तथा भीमबैठका वल्ड हैरीटेज में शामिल हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की आत्म-निर्भर भारत की परिकल्पना साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार है तथा इसके चार प्रमुख स्तंभों अधोसंरचना विकास, सुशासन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा तथा अर्थ-व्यवस्था और रोजगार पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

होरोसिस क्या है

होरोसिस प्रबुद्धजनों का एक स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय मंच है, जिसका मुख्यालय ज्यूरिक, स्विट्जरलेंड में है। इसकी स्थापना वर्ष 2005 में वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के पूर्व निदेशक श्री फ्रेंक जुरगन रिचर ने की। आर्थिक विकास इसका प्रमुख विषय है। प्रतिवर्ष इसकी ‘होरोसिस ग्लोबल मीटिंग, होरोसिस चाइना मीटिंग, होरोसिस इंडिया मीटिंग तथा होरोसिस एशिया मीटिंग’ होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में अर्थ-शास्त्री, उद्योग प्रतिनिधि, व्यापार-व्यवसाय से जुड़े लोग, वैज्ञानिक, शासकीय अधिकारी तथा प्रबुद्धजन शामिल होते हैं।

 

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