भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना (corona) के कारण मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र (Assembly session ) अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (adjourned) कर दिया गया है। इससे पहले बजट सत्र में पेश किये जाने वाले सभी विधेयक पारित हो गए हैं। वहीं 2020-21 और 2021-22 में कोरोना के प्रकोप की वजह से सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के लिए कोई धनराशि नहीं दी जाएगी। ये घोषणा वित्त मंत्री ने की। इस सत्र में बजट पर सामान्य चर्चा हो गई है और विभागावार चर्चा प्रारंभ की गई थी। धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक पारित किया जा चुका है तथा अन्य संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
कोरोना के कारण बजट सत्र 10 दिन पूर्व ही स्थगित कर दिया गया। इसे लेकर सर्वानुमति बच चुकी थी। कोरोना का संक्रमण विधानसभा तक पहुंच गया था और 4 विधायकों के संक्रमित होने के बाद विधानसभा के 5 कर्मचारियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद मंगलवार को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बजट सत्र समयपूर्व स्थगित कर दिया जाए।
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दरअसल, सोमवार को विधानसभा में कार्यवाही शुरू होते ही गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्पीकर गिरीश गौतम (girish gautam) से कोई फैसला लेने की मांग की थी। इस दौरान गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सदन में चार विधायक संक्रमित पाए गए हैं जबकि इन विधायकों की बगल में अन्य विधायक भी बैठे थे। इसके अलावा विधानसभा के चार मार्शल सहित पांच कर्मचारी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को इस मामले में फैसला लेना चाहिए। इस पर जवाब देते हुए विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष के सदन में उपस्थित नहीं होने पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। इसके बाद 16 मार्च को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई और उसमें विधानसभा सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का फैसला लिया गया।






