भोपाल।

प्रदेश के सरकार में सियासी हड़कंप मचाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस्तीफा देकर कांग्रेसी खेमे में हलचल मचा दी है। सिंधिया के इस्तीफे देने के बाद उनके करीबी और समर्थक विधायक ने भी राज्यपाल के पास अपना इस्तीफा भेजा। जहां नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विधानसभा स्पीकर प्रजापति को कांग्रेसी विधायकों का इस्तीफा सौंपा। जिसके बाद एक तरफ भाजपा विधायक दल की बैठक शुरू हो गई थी। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सिंधिया 12 मार्च यानी गुरुवार को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। सिंधिया मध्यप्रदेश में ही पूर्व मुख्यमंत्री चौहान की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। वही कयास यह भी लगाया जा रहे हैं कि आज शिवराज दिल्ली के लिए रवाना हो सकते हैं।

इधर सीएम कमलनाथ ने कहा है कि जब तक विधायक प्रत्यक्ष या विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष स्वयं प्रस्तुत होकर त्यागपत्र नहीं देते, विधायकों का इस्तीफा मंजूर नहीं किया जाएगा। बताते चलें कि सामान्यतया विधायक विधानसभा अध्यक्ष को अपना त्यागपत्र सौंपते है लेकिन अधिकतर विधायकों ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेजा है।

बता दें कि इससे पहले बीती रात सिंधिया प्रधानमंत्री मोदी से मिलने पहुंचे थे। जहां गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। तभी से उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें बहुत तेज हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद आज सुबह सिंधिया ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम अपना इस्तीफ़ा सौंपा। जिसके बाद कांग्रेस महासचिव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण सिंधिया को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। वहीं दिग्विजय सिंह के छोटे भाई एवं कांग्रेसी नेता लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि हमारे पास 94 विधायक हैं। कोई भी पार्टी का मनोबल नहीं गिरा सकता है। कांग्रेस वापसी के लिए तैयार है