Break Up Leave Policy: भारत की स्टॉक ग्रो कंपनी ने शुरू की अनोखी लीव पॉलिसी, अब ब्रेक अप से उबरने के लिए हफ्ते भर की छुट्टी ले सकेंगे कर्मचारी, पढ़े यह खबर

Break Up Leave Policy: आपने अपनी जॉब से कितनी ही बार अलग-अलग कारणों से छुट्टी ली होगी। लेकिन क्या आपने कभी यह सुना है की कोई कंपनी कर्मचारी को इसलिए छुट्टी दे रही है क्योंकि उसका ब्रेकअप हो गया हैं? यदि आपने ऐसा कभी नहीं सुना तो आज हम आपको एक ऐसी ही कंपनी के बारे में बताने वाले हैं।

Rishabh Namdev
Published on -

Break Up Leave Policy: आपने अपने काम से रिलैक्स रहने या फिर किसी काम के चलते अपनी कंपनी में छुट्टी ली होगी। दरअसल आप भी यह जानते होंगे कि कंपनियों में कर्मचारियों की सुविधा के लिए तरह-तरह की लीव पॉलिसी बनी होती है। जिसमें खास तौर पर सिक लीव, कैजुअल लीव, अर्न लीव, ट्रेवल लीव, मैटरनिटी लीव या फिर पैटर्निटी लीव जैसी पॉलिसी शामिल होती हैं जिनसे हम कई तरह की छुट्टियां साल में ले सकते है। हालांकि, कई बार हम झूठ बोलकर भी छुट्टियां ले लेते हैं। लेकिन कभी आपने सुना है कि कोई कंपनी अपने कर्मचारियों को ब्रेकअप होने पर भी छुट्टी देती है। दरअसल, अब भारत की एक फिनटेक कंपनी ने यह पॉलिसी शुरू कर दी है, जिसके चलते अब यह कंपनी अपने कर्मचारियों को ब्रेक अप लीव (Break Up Leave) दे रही है।

जानें क्या है ब्रेक अप लीव?

दरअसल आज हम जिस कंपनी की बात कर रहे हैं वह हम बात कर रहे हैं वह फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी स्टॉक ग्रो (StockGro) है। जानकारी के अनुसार स्टॉक ग्रो ने ब्रेक अप जैसे कठिन समय में अब अपने कर्मचारियों को सपोर्ट करने का मन बनाया है। इसके लिए अब इस कंपनी ने ब्रेकअप लीव पॉलिसी शुरू की है।

वहीं इसे लेकर कंपनी का कहना है कि ब्रेक अप के समय एक व्यक्ति अपने जीवन के कठिन दौर से गुजरता है। ऐसे में यह लीव पॉलिसी कर्मचारियों को रिश्ता टूटने के बाद कठिन समय के दौरान सुकून देगी। दरअसल इस अनूठी लीव पॉलिसी को लॉन्च करते समय कंपनी ने बताया कि स्टॉक ग्रो कंपनी कर्मचारियों की फिक्र करती हैं। कंपनी इस बात को समझती है कि ब्रेकअप जैसे कठिन दौर में एक कर्मचारी पर क्या गुजरती हैं।

नहीं मांगा जाएगा कोई सुबूत:

दरअसल कई बार कंपनी से छुट्टी मांगे जाने पर कंपनी द्वारा सबूत मांगे जाते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की इस नई पॉलिसी के तहत कंपनी द्वारा स्टॉक ग्रो के कर्मचारी एक हफ्ते की छुट्टी बिना कोई सवाल जवाब के दी जाएगी और न ही किसी तरह का सुबूत कर्मचारी से मांगा जाएगा। इतना ही नहीं अगर कोई कर्मचारी चाहता है तो वह मैनेजमेंट से बात करके अपनी छुट्टी को बढ़वा भी सकता है। दरअसल कंपनी का मानना है कि इस लीव से कर्मचारी को मानसिक शांति मिल सकेगी।


About Author
Rishabh Namdev

Rishabh Namdev

मैंने श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय इंदौर से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। मैं पत्रकारिता में आने वाले समय में अच्छे प्रदर्शन और कार्य अनुभव की आशा कर रहा हूं। मैंने अपने जीवन में काम करते हुए देश के निचले स्तर को गहराई से जाना है। जिसके चलते मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार बनने की इच्छा रखता हूं।

Other Latest News