बालाघाट में वन विभाग की कार्रवाई, शिकार करने वाले 8 आरोपी गिरफ्तार

उत्तर लामता सामान्य परिक्षेत्र अधिकारी कृष्ण कुमार नामदेव का कहना है मुखबिर की सूचना पर वन्यप्राणी के अवशेष के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

बालाघाट, सुनील कोरे। नैनपुर (Nainpur) के चिरईडोंगरी (Chiraidongri) में गत दिवस मुखबिर की सूचना पर संरक्षित वन्यप्राणी शेर (Lion) या तेंदुए (Leopard) के नाखून के साथ पकड़े गये तीन आरोपियों की निशानदेही पर वनमंडल मंडला, उत्तर वनमंडल बालाघाट (Balaghat) और लामता (Lamta) वनविकास निगम के अमले ने 21 सितंबर को जिले उत्तर लामता पश्चिम अंतर्गत नगरवाड़ा वृत्त और लामता वनविकास निगम से लगे जंगल से जमीन में गाड़कर रखे गये कंकाल बरामद किया है। जिसमें आरोपियों की शिनाख्ती के आधार पर 8 आरोपी पकड़े गये हैं। जिसमें वन विभाग की टीम ने पीओआर के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया है। बताया जाता है कि आरोपियो में नगरवाड़ा और ब्रम्हनी बंजर के है। हालांकि वन विभाग की टीम ने संरक्षित वन्यप्राणी से मामले जुड़ा होने के चलते कुछ और ज्यादा जानकारी नहीं दी है। उत्तर लामता परिक्षेत्र अधिकारी की माने तो संरक्षित वन्यप्राणी शेर है या तेंदुआ, इस मामले में आरोपियों ने अभी कुछ नहीं बताया है, जांच के बाद ही यह साफ हो पायेगा कि शेर है तेंदुआ। इस मामले में वन्यप्राणी का शिकार करने प्रयुक्त किये गये बिजली तार को भी बरामद करने की बात कही जा रही है।

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मिली जानकारी अनुसार मुखबिर की सूचना पर मंडला वनमंडल की टीम ने चिरईडोंगरी में संरक्षित वन्यप्राणी (शेर या तेंदुआ) के नाखुन के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जिसकी जानकारी मिलने के बाद मंडला वनमंडल, उत्तर वनमंडल बालाघाट और लामता वनविकास निगम की टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर नगरवाड़ा वृत्त की टीम ने जब जंगल में नाले के पास तलाश किया तो संरक्षित वन्यप्राणी के कंकाल मिले। जिसे जांच के लिए वनविभाग की टीम ने बरामद कर लिया है। बताया जाता है कि पोला, नारबोद के दौरान आरोपियों ने वन्यप्राणी का शिकार करंट लगाकर किया था।

हालांकि वनविभाग की टीम ने नाम नहीं बताया है लेकिन जो संदेह के आधार पर सूत्रो से मिले है, उसमें मोहगांव और बकवाड़ा निवासी में किशोर, डिलीराम, लिट्टी उर्फ सुनील, बिपत, रामप्रसाद और परमानंद सहित एक आरोपी मंडला ब्रम्हनी का बताया जा रहा है। फिलहाल इन नामों की पुष्टि विभाग ने नहीं की है। बताया जाता है कि मंडला वनमंडल की टीम ने आरोपियों को पकड़ने के बाद मामला उत्तर लामता सामान्य को सौंप दिया है, अब इस मामले में अग्रिम कार्यवाही उत्तर लामता सामान्य द्वारा की जायेगी।

नहीं मिली खाल
जिले में वन्यप्राणियों की बाहुलता के चलते शिकार के मामले भी बढ़े है, खासकर संरक्षित वन्यप्राणी शेर के शिकार के मामले सामने आते रहे है, कई तरह से शिकारी, शेर के शिकार में लिप्त पाये गये है। वन्यप्राणी (शेर या तंेदुआ) कका शिकार भी आरोपियों द्वारा करंट लगाकर किया गया था। मामले की जांच के दौरान वनविभाग की टीम ने आरोपियों से तार बरामद किये है। बताया जाता है कि वन्यप्राणी के अन्य अवशेष तो वनविभाग की टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर लिये, लेकिन खाल नहीं मिली है। बहरहाल अधिकारी का कहना है कि प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

उत्तर लामता सामान्य परिक्षेत्र अधिकारी कृष्ण कुमार नामदेव का कहना है मुखबिर की सूचना पर वन्यप्राणी के अवशेष के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें मंडला वनमंडल, उत्तर वनमंडल बालाघाट और लामता वनविकास निगम की टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर वन्यप्राणी का कंकाल बरामद किया है। मामले में पीओआर प्रकरण दर्ज कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की विवेचना जारी है।

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