नक्सलियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से की गई थी नेगलाल की हत्या, एक गिरफ्तार

बालाघाट। सुनील कोरे| 17 नवंबर 2019 को लांजी थाना क्षेत्र के देवरबेली चौकी अंतर्गत ग्राम चिलकोना से नेगलाल मसराम को सशस्त्रधारी दो महिला और एक पुरूष नक्सली ने अपहरण कर लिया था। जिसके बाद नेगलाल का कोई पता नहीं चला था। जिस मामले में पत्नी शांतिबाई मसराम की शिकायत पर लांजी पुलिस ने अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ 323,364,365 भादंवि एवं 13 विधि विरूद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1967 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया था। नेगलाल मसराम के अपहरण के लगभग एक पखवाड़े बाद 2 दिसंबर 2019 को चिलकोना के जंगल से पुलिस ने मानव हड्यिां और खोपड़ी के टुकड़े बरामद किये थे। जिसके डीएनए परीक्षण से पुलिस को पता चला था कि यह अपह्रत नेगलाल मसराम की हड्यिां है, नेगलाल की हत्या किसी ठोस एवं भारी वस्तु से मारकर चोट पहुंचाने से मेगलाल की हत्या की गई है। जिसके बाद मामले में पुलिस ने धारा 302,201 भादंवि की धाराओं का ईजाफा कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी थी।

इस मामले में पुलिस ने हत्या के एक आरोपी नरपी चिलकोना निवासी 34 वर्षीय गुलाब पिता महेतर टेकाम को एक आरोपी गिरफ्तार किया है। जिनसे पूछताछ में कबूल किया है कि उसने नक्सलियों और अपने साथियों के साथ जादूटोने के शक में नेगलाल की हत्या की है। जिसमें हत्या में प्रयुक्त की गई भरमार बंदूक भी पुलिस ने बरामद कर ली है, जिसके बट से मारकर नेगलाल की हत्या की गई थी। बताया जाता है कि जिस रात नेगलाल का अपहरण किया था, उसी रात नक्सलियों के साथ मिलकर आरोपियों ने बंदूक की बट से चोट पहुंचाकर नेगलाल की हत्या कर दी थी और शव को छिपा दिया था। जिससे नेगलाल के अपहरण होने के बाद पुलिस द्वारा सर्चिंग के दौरान भी नेगलाल का शव नहीं मिल सका था। जिसके एक पखवाड़े बाद नेगलाल के शरीर हड्यिां और खोपड़ी का हिस्सा मिला था।

नक्सली कमांडर के साथ मीटिंग कर बनाई गई थी मेगलाल की हत्या की योजना
नेगलाल मसराम की हत्या के लिए गुलाब टेकाम, उसके साथी जयपाल पंद्रे, खुमेश मसराम, गन्नूसिंह पंद्रे, अनूप टेकाम और शोभन पंद्रे ने नक्सली कमांडर शेरसिंह उर्फ रघु के साथ मीटिंग कर मेगलाल की हत्या का प्रस्ताव पारित किया था। जिसके बाद योजनाबद्व तरीके से मेगलाल मसराम के घर से 17 नवंबर 2019 को उसका अपहरण किया गया और उसके बाद बंदूक की बट से उसकी हत्या कर दी गई।

नेगलाल पर था जादूटोने का शक
बताया जाता है कि नेगलाल के अपहरण और उसकी हत्या, जादूटोने के शक में की गई थी। नेगलाल की हत्या के लिए नक्सलियों ने हत्यारो का सहयोग किया था और योजनाबद्व तरीके से सशस्त्र नक्सलियों ने नेगलाल को उसके घर से उठाकर उसका अपहरण किया और उसी रात नेगलाल की नक्सलियों के साथ मिलकर हत्यारों ने हत्या कर दी। बताया जाता है कि इस घटना के दो से तीन वर्ष पूर्व ग्राम चिलकोना के ही जयपाल के मंझले लड़के और उसके भाई राधेलाल की पत्नी की मृत्यु हुई थी। जिससे हत्यारों को नेगलाल पर जादूटोने का शक था। जिसके बाद से नेगलाल की वह हत्या करना चाहते थे। नक्सलियों से नेगलाल की हत्या में मिले सहयोग के बाद हत्यारों ने योजनाबद्व तरीके से उसका अपहरण कर उसकी हत्या की।

पहले भी आरोपी गुलाब टेकाम नक्सलियों के साथ हत्या में रहा है शामिल
पुलिस की मानें तो नेकलाल की हत्या के पहले वर्ष 2006 में ग्राम कंसुली निवासी दुर्गासिंह टेकाम की हत्या आरोपी गुलाब टेकाम ने नक्सलियों के साथ मिलकर की थी। जिस हत्या मामले में पुलिस ने गुलाब टेकाम, गणेश, श्यामलाल साकेश, निर्मला, रीता और अन्य नक्सलियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 86/06 धारा 147, 148, 149, 323, 324, 302 आईपीसी, और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध कायम किया था। जिसमें गुलाब टेकाम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी गणेश टेकाम लगातार सक्रिय रूप से नक्सलियों के साथ मिलकर गंभीर वारदातों को अंजाम देने का आदी है।

आरोपी गुलाब टेकाम करता था गांजे की खेती
नेगलाल मसराम की हत्या में पकड़ाये गये आरोपी गुलाब टेकाम की स्वीकारोक्ति के बाद जब पुलिस ने भरमार बंदूक बरामद करने पुलिस टीम, एसडीओपी नितेश भार्गव के नेतृत्व में ग्राम नरपी चिलकोना पहुंची तो उसके घर के बाजू मं बड़ी संख्या में गांजे के पौधे मिला। जिसके घर से नेगलाल की हत्या में प्रयुक्त की गई भरमार बंदूक के साथ जब गांजे को लेकर उससे गहन पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार किया कि वह गांजे की खेती भी करता है। जिसके बाद पुलिस टीम ने उसके घर के बाजू में की जा रही गाँजे की खेती के पौधे मौके पर ही विधिवत उखाड़कर जप्त किये। इस मामले में उसके खिलाफ 8/20 एनडीपीएस एक्ट का भी अपराध भी पंजीबद्ध किया गया।

नेगलाल के हत्यारों की गिरफ्तारी पर पुलिस महानिरीक्षक के.पी. व्यंकटेश्वर राव, पुलिस उपमहानिरीक्षक अनुराग शर्मा के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी के निर्देश पर 5 हजार रूपये का ईनाम रखा गया था। मामले में एडीएसपी प्रतिपालसिंह महोबिया द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जा रही थी। जिसके चलते एसडीओपी और विवेचनाधिकारी नितेश भार्गव के नेतृत्व में पुलिस टीम नेगलाल के हत्यारों की लगातार पतासाजी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से नेगलाल की हत्या में लिप्त आरोपी गुलाब टेकाम के बारे में जानकारी मिली। जिससे अभिरक्षा में लेकर जब पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो उसने नेगलाल की हत्या को लेकर सारी कहानी पुलिस के समक्ष बयां कर दी। नक्सलियों के साथ सक्रिय रहकर हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी गुलाब टेकाम की गिरफ्तारी में एसडीओपी नितेश भार्गव, लांजी थाना प्रभारी संतोष पंद्रे, उपनिरीक्षक राकेश बघेल, देवरबेली चौकी प्रभारी संजीत मवई, प्रधान आरक्षक उमेश मिश्रा, आरक्षक विरेन्द्र, मनीजर, सुनील वर्मा, सुजीत पाल, देवरबेली चौकी आरक्षक सतेन्द्र परमार, विरेन्द्र सिसोदिया, चंचलेश, यशवंत और अमरसिंह की भूमिका सराहनीय रही। जिसे पुलिस अधिकारियों द्वारा ईनाम से पुरस्कृत किया जायेगा।

इनका कहना है
नेगलाल की हत्या, नक्सलियों के साथ सक्रिय रहकर हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी गुलाब टेकाम ने नक्सलियों और अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। आरोपी को शक था कि नेगलाल जादूटोना करता था। जिसके शक पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नक्सलियों के साथ मीटिंग कर नेगलाल की हत्या की योजना बनाई और उसी योजना के तहत नेगलाल की हत्या की थी। मामले में आरोपी गुलाब टेकाम को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके अन्य और साथियों की तलाश की जा रही है।
-नितेश भार्गव, एसडीओपी, लांजी