अच्छी खबर: कोरोना संक्रमित महिला की हुई सिजेरियन डिलीवरी, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित

बालाघाट से एक अच्छी खबर आई है, जहां एक कोरोना (corona) से संक्रमित मरीज की महिला डॉक्टर द्वारा सिजेरियन डिलीवरी की गई। डिलीवरी के बाद मां और बच्चा दोनों ही सुरक्षित है।

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बालाघाट,सुनील कोरे। धरती पर यदि किसी को भगवान का दर्जा प्राप्त है तो वह डॉक्टर है, जिले की महिला डॉक्टर और नर्सेस, उस कोरोना संक्रमित प्रसूता महिला मरीज के लिए भगवान की तरह ही है, जिन्होंने कोरोना संक्रमित महिला की सफलतापूर्वक सिजेरियन डिलेवरी करवाई। जिससे महिला ने एक स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया है। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनो सुरक्षित है। वहीं कोरोना संक्रमित प्रसूता महिला की सुरक्षित डिलेवरी किये जाने से डॉक्टर और नर्सेस की सराहना भी की जा रही है।

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डिलीवरी केंद्र में महिला डॉक्टरों और नर्सों ने पीपीई किट पहनकर कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला की सुरक्षित प्रसव कराया। एक ओर कोविड-19 महामारी के प्रभाव से आम लोगों पर खासा असर पड़ा है। वहीं दूसरी ओर इस महामारी से पीड़ित प्रसूता महिला का सुरक्षित प्रसव कराकर बालाघाट जिला अस्पताल ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि अब तक यह केवल बड़े शहरो में ही संभव हो सका था, लेकिन बालाघाट में कोरोना संक्रमित प्रसुता महिला का प्रसव कराकर एक बार फिर डॉक्टर ने अपनी मानवता का परिचय दिया है।

बताया जाता है कि कोविड़ सेंटर बूढ़ी में 10 अक्टूबर को लांजी तहसील के ग्राम बडगांव की 27 वर्षीय कोरोना संकमित प्रसुता महिला को भर्ती कराया गया था। जिसके दो दिन बाद 12 अक्टूबर को रात्रि लगभग 10 बजे अस्पताल प्रबंधन को जानकारी मिली कि प्रसूता महिला को अत्यधिक प्रसव पीड़ा हो रही है। जिसके बाद जिला चिकित्सालय की महिला चिकित्सक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता डोंगरे की टीम द्वारा सुझ-बूझ से पीपीई कीट का उपयोग करते हुए महिला को सुरक्षा के तहत आईसीयु रूम में भर्ती कराकर उसका सिजेरियन प्रसव कराया।

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महिला से जन्मे बच्चे का वजन तीन किलोग्राम है, प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित है। डिलेवरी करने के पश्चात महिला को कोविड़ सेंटर में भर्ती करा दिया गया है। महिला चिकित्सक डॉ. ममता डोंगरे का कहना है कि बच्चे ने पेट में ही शौच कर दिया था, ऐसी स्थिति में यदि उसे रिफर किया जाता है तो महिला और बच्चे दोनो का खतरा था। जिसे देखते हुए टीम की मदद से उसकी सिजेरियन डिलेवरी करवाई गई। जिसके बाद मां और जन्मा नवजात दोनो सुरक्षित है।

12 अक्टूबर को कोविड अस्पताल में डॉक्टर, नर्सेस और अन्य स्टाफ ने रिस्क उठाकर प्रसव पीड़ा से कराहती एक कोविड प्रसूता की डिलीवरी कराई जो ऑपरेशन सफल रहा। महिला ने एक स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया तो पूरे अस्पताल स्टाफ के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ पड़ी। कोविड अस्पताल में डिलीवरी का यह पहला केस है।

महिला की सोमवार को अस्पताल के गायनिक वार्ड में सिजेरियन से हुई डिलेवरी के बाद महिला को कोरोना वार्ड में शिफ्ट करा दिया गया है। महिला के कोरोना वार्ड में शिफ्ट किए जाने के बाद स्टाफ सदस्यों एवं दाखिल महिला मरीजों ने राहत की सांस ली।

सिविल सर्जन डॉ ए.के. मिश्र ने जानकारी में बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता डोंगरे, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ.दिक्षानंद डोंगरे एवं पॉच नर्स, दो स्टॉप नर्स एवं एक वार्डबॉय सहित जिला प्रशासन की टीम के सहयोग से सफल डिलीवरी सिजेरियन किया गया। उन्होंने बताया कि सुरक्षित प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। बच्चे को पूरी तरह सेनेटाईज्ड कपड़े में लपेट कर रखा गया है।

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