नशीले कफ सिरप के साथ दो एमआर गिरफ्तार, 2 लाख से ज्यादा की 14 सौ बॉटल बरामद

नशीले दवा कारोबार के दूसरे बड़े मामले का खुलासा आज पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेसवार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया द्वारा किया गया

बालाघाट, सुनील कोरे| एक पखवाड़े में कोतवाली पुलिस (Police) ने वरिष्ठ अधिकारियो के मार्गदर्शन में नशीली दवाओं  को लेकर दो बड़ी कार्यवाही की है, जिससे नशीली दवाओं का कारोबार करने वालो में हड़कंप का माहौल है। इस बार पुलिस ने नशीले कफ सिरप (Drug Cough syrup)  के आरोपियों को खरीददार बनकर पकड़ा। नशीले दवा कारोबार के दूसरे बड़े मामले का खुलासा आज पुलिस कंट्रोल रूम (Police Control Room) में आयोजित प्रेसवार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया (pratipal singh mahobiya) द्वारा किया गया। इस दौरान सीएसपी कर्णिक श्रीवास्तव और थाना प्रभारी एम.आर. रोमड़े मौजूद थे।

विगत 4 अक्टूबर को पुलिस ने युवाओं को नशीली दवा एल्फ्राजोलम की सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क को पकड़ा था। वहीं गत 13 अक्टूबर कों औषधी निरीक्षक शरद जैन के मुखबिर की सूचना पर कार्यवाही करते हुए कोतवाली पुलिस ने सरस्वती नगर निवासी 38 वर्षीय संजीव पिता बलिराम सूर्यवंशी से पुलिस ने कार्यवाही करते हुए नशीली दवा कॉफ-टी कफ सीरप के 5 कार्टून में रखी लगभग 950 बॉटल बरामद की। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग डेढ़ लाख रूपये है। जिसे पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8,21 के तहत गिरफ्तार किया। जिससे पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वह अवैध रूप से नशीली दवाओं की खेप जबलपुर निवासी मोहित पांडेय से मंगवाता है, जिससे पुलिस ने खरीददार बनकर संपर्क किया और उसे नशीले कफ सीरफ की डिमांड को बालाघाट में डिलेवरी देने के लिए बुलाया। जब मोहित नशीली दवा क्यूरेक्स-टी कफ सीरफ लेकर बालाघाट पहुंचा तो यहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जबलपुर के घमापुर थाना अंतगत हनुमान होटल के पास सिद्धबाबा वार्ड लालमाटी निवासी मोहित पिता विनोद पांडेय से 450 बॉटल नशीली दवा क्यूरेक्स-टी कफ सीरफ की बरामद की। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 हजार रूपये है। इस तरह पुलिस ने आरोपी संजीव सूर्यवंशी और मोहित पांडेय के पास से कुल 14 सौ नशीले कफ सीरफ की बाटल बरामद की है। जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 20 हजार रूपये है।

दोनो आरोपी दवा कंपनी के है एमआर
पुलिस ने बताया कि संजीव सूर्यवंशी और मोहित पांडेय, अलग-अलग दवा कंपनी में एमआर है। जहां संजीव आरपीजी हेल्थ केयर में तो मोहित पांडेय अथर्व हेल्थ केयर में एमआर है। संजीव को मोहित नशीली कफ सीरफ की सप्लाई किया करता था। जिनसे प्रारंभिक पूछताछ में बालाघाट पुलिस को जबलपुर के होलसेल व्यवसायी हिमांशु झा का पता चला है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में होलसेल व्यापारी हिमांशु झा से भी पूछताछ की जायेगी कि आखिर किस नियमों के तहत उसके द्वारा इन एमआर को नशीली दवा कफ सीरफ का विक्रय किया है।

इनका रहा सराहनीय सहयोग
नशीली दवा एल्फ्रोजोलम के नेटवर्क को पकड़ने के बाद नशीली दवा कोडिन युक्त कफ सीरफ के साथ आरोपी 2 एमआर को गिरफ्तार करने के मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और सीएसपी के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी एम.आर. रोमड़े, उपनिरीक्षक संदीप चौरसिया, विकास यादव, राजकुमार खटीक, प्रधान आरक्षक राजीव जाचक, आरक्षक गजेन्द्र माटे, दारासिंह बघेल, रामकुमार केवट, रवि गौरिया, बिसराम धुर्वे, पवन उईके, सुरेन्द्र पारधी, मिथलेश राहंगडाले का सराहनीय सहयोग रहा।