Corona: 60 RAT यानि एंटीजन किट तो वहीं 1800 RT-PCR किट, बिना टेस्ट कराये लौट रहे लोग

बैतूल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की फिर से वापसी हो गई है। जिसके वजह से सरकार और स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। महाराष्ट्र जहां कोरोना एक बार फिर भयानक रुप ले लिया है , वहीं से सटे बैतूल जिले में बीते दस दिनों में कोरोना संक्रमण के 175 से ज्यादा मरीज मिले हैं। ऐसे में यहां टेस्टिंग के लिए एंटीजन टेस्ट किट की कमी हो गई है, जिसके चलते सैंपलिंग की रफ्तार कम हो गई है। लेकिन, प्रशासन की और से RT-PCR किट से टेस्टिंग के दावे किए जा रहे हैं, और ये किट भी कम ही बचे हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि कोरोना टेस्ट पर ब्रेक भी लग सकता है।

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इस बारे में जब कलेक्टर से बात की तो उनका कहना है कि भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि कम से कम 70% टेस्ट RT-PCR और 30% RAT से हो। लेकिन, हमारे जिले में RAT के टेस्ट किट खत्म हो चुके हैं, इसलिए जो बचे है उन्हें इमरजेंसी में उपयोग के लिए रखा गया है। टेस्ट किट उपलब्ध ना होने से उनकी टेस्टिंग नहीं हो पा रही है। राज्य शासन द्वारा रिवाइज टेस्टिंग के टारगेट दिए गए हैं। टेस्टिंग की कमी किट ना होने के कारण हुई है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह कमी जल्द दूर हो जाएगी।

अब सिर्फ 60 किट बची है
नोडल अधिकारी डॉ. सौरभ राठौर के अनुसार जिले में कुल 60 RAT यानि एंटीजन किट बचे हैं। जबकि 1800 RT-PCR किट हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही किट आ जायेंगी। लेकिन, जानकारों की मानें तो RT-PCR के चक्कर में जिले में कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है।

खास बात यह है कि लोग कोरोना टेस्ट कराने बस से बैतूल आते है, और फिर जब 3 दिन बाद रिपोर्ट पॉजिटिवा आ जाती है तो बस में जो अन्य सवारी और तीन दिन में लोग जिनके भी संपर्क में आते है उन्हें भी कोरोना का खतरा सताने लगता है। ऐसे में बढ़ते कोरोना संक्रमण को कैसे रोका जायेगा।

इतना ही नहीं लोगों से जब बात की गई तो उन्होंने कहना है कि अगर महाराष्ट्र के वाहनों को बैन करने का फैसला अगर दस दिन पहले ले लिया जाता तो, आज हालात इतने बिगड़े हुए नहीं होते। साथ ही अब जब लोग बैतूल टेस्ट के लिए जा रहे है तो वहां के डीसीएससी सेंटर में लंबी-लंबी लाइन लग रही हैं, लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है, जिसके चलते वह बिना टेस्ट कराए ही लौट जाते हैं।

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