भिण्ड पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में 400 झोलाछाप चिकित्सक किये चिन्हित, दी गई जरूरी समझाइश

लिस अब इन सभी चिकित्सकों को न केवल कोरोना संक्रमण काल में इलाज करने के तौर-तरीके समझा रही है बल्कि जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों के मार्गदर्शन से इस महामारी के समय में मरीजों को कौन सी दवाई देनी है कौन सी नहीं देनी है यह भी समझाइश दे रही है ।

भिण्ड

भिण्ड, गणेश भारद्वाज। भिण्ड पुलिस (bhind police) ने जिले के ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण (corona infection) की रोकथाम के लिए ग्रामीण इलाकों में काम कर रहे 400 से अधिक झोलाछाप चिकित्सकों (slouch doctors) को चिन्हित किया है। पुलिस अब इन सभी चिकित्सकों को न केवल कोरोना संक्रमण काल में इलाज करने के तौर-तरीके समझा रही है बल्कि जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों के मार्गदर्शन से इस महामारी के समय में मरीजों को कौन सी दवाई देनी है कौन सी नहीं देनी है यह भी समझाइश दे रही है । इसके अलावा ग्राम्यांचल के सभी चिकित्सकों का कोरोना टेस्ट (corona test) भी पुलिस के द्वारा करवाया जा रहा है। जिससे कि इन सभी के संक्रमण से और अधिक ग्रामीण संक्रमण की चपेट में ना आने पाएं। पुलिस अधीक्षक (police superitendent) मनोज कुमार सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को इस दिशा में काम करने के लिए निर्देशित किया है।

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इसीक्रम ने डीएसपी हेडक्वार्टर मोतीलाल कुशवाहा ने ऊमरी थाना क्षेत्र के ऐसे 11 झोलाछाप चिकित्सकों को बुलाकर समझाइश देकर उनका कोविड-19 टेस्ट कराया, इसमें चौंकाने वाली बात यह सामने निकलकर आई कि 11में से 03 झोलाछाप डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इस से यह भी कयास लगाया जा रहा है कि जिले के झोला छापों के द्वारा गलत तरीके से किए जा रहे इलाज के कारण ग्रामीण क्षेत्र में कोविड संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। उमरी क्षेत्र में काम कर रहे  मोती लाल कुशवाह ने बताया कि हम क्षेत्र में चिन्हित किए गए चिकित्सकों को बुलाकर न केवल उन्हें समझाइश दे रहे हैं बल्कि उनका कोरोना टेस्ट भी करवा रहे हैं जिससे कि उन सभी के संपर्क में आने से अन्य ग्रामीण संक्रमित न होने पाए। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह के मुताबिक पुलिस द्वारा यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक की प्रत्येक झोलाछाप चिकित्सक का टेस्ट न करा दिया जाए।

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जिला पुलिस बल बढ़-चढ़कर चढ़कर कर रहा है स्वास्थ्य विभाग का सहयोग

कहा जाता है कि महामारी के समय में मिलजुल कर एक दूसरे का सहयोग करते हुए सकारात्मकता के साथ कार्य करना चाहिए। इन दिनों जिले में जिला प्रशासन पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का एक दूसरे के प्रति जबरदस्त सहयोग दिखाई दे रहा है। इस दिशा में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह के द्वारा एक ऑक्सीजन वाहन स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराया है जिससे कि मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र से आसानी से और शीघ्रता से ऑक्सीजन सिलेंडर जिला चिकित्सालय तक पहुंच सके। यही नहीं श्री सिंह के द्वारा एक शव वाहन भी जिला स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाया गया है।

हर दिन होती है जिला चिकित्सालय में मंत्रणा कैसे लड़े कोविड-19 से लड़ाई

कोरोना संक्रमण काल में किस तरह से लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाए इस बात की मंत्रणा हर रोज जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह और जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ अजीत मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और स्टाफ के साथ होती है। यह कार्य योजना बनने के बाद उसको शीघ्रता के साथ धरातल पर अंजाम दिया जाता है।