दक्षता परीक्षा : पहले दिन 1561 ने दी परीक्षा, शिक्षक बोले- बुक में नहीं मिले उत्तर, आक्रोश

Madhya Pradesh

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सत्र 2019-20 में सरकारी स्कूलों (Government Schools) की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा (MP Board Exam) का परिणाम 40 फीसदी से कम रहा है, जिसके चलते स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने शिक्षकों की दक्षता परीक्षा ले रहा है।रविवार को मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी (High School and Higher Secondary School) के 1619 शिक्षकों ने परीक्षा दी और आज सोमवार को 6 हजार से अधिक शिक्षक (Teacher) परीक्षा देंगे, हालांकि यह परीक्षा किताब देखकर ही ली जा रही है, बावजूद इसके शिक्षकों में नाराजगी है।दतिया व रीवा सहित कई जिलों में शिक्षकों ने परीक्षा का विरोध किया।

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पहले दिन रविवार को 1619 में से 1561 ने किताब देखकर परीक्षा दी, जिसमें से 58 शिक्षक अनुपस्थित रहे।हैरानी की बात तो ये है कि सीहोर में गणित विषय के शिक्षकों ने किताब में प्रश्न नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पेपर एनसीईआरटी (NCRT) की बुक से पेपर बनाया गया है, जो अभी हाईस्कूल व हायरसेकंडरी में लागू ही नहीं हुआ। ऐसे में कईयों के प्रश्न छूट गए तो कईयों का पेपर बिगड़ गया।शिक्षकों का तर्क है कि शासन को परीक्षा लेने की जगह शिक्षकों को प्रशिक्षण देना चाहिए।

आज सोमवार (Monday) को 12 से 3 में 6 हजार से अधिक शिक्षक परीक्षा देंगे।शिक्षकों का तर्क है कि शासन को परीक्षा लेने की जगह शिक्षकों को प्रशिक्षण देना चाहिए।  खास बात ये है कि परीक्षा में ओपन बुक प्रणाली (Open Book System) के तहत परीक्षा ली जा रही है, जहां किताब खोल कर शिक्षक एग्जाम दे रहे है।। पाठ्य पुस्तक के अतिरिक्त वे गाइड आदि किताबों का उपयोग नहीं कर सकते। सभी विषयों के शिक्षकों की परीक्षा होगी।  हालांकि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन रविवार को ही किया गया, लेकिन परीक्षा परिणाम गोपनीय रखा गया है। परीक्षा परिणाम कम या फेल होने पर शिक्षकों को दो माह की अवधि दक्षता सुधार के लिए दी जाएगी।

इसके बाद इन शिक्षकों का जिला स्तर पर ऑनलाईन प्रशिक्षण (Online training) भी किया जाएगा और मार्च के पहले सप्ताह में दोबारा परीक्षा होगी। अगर फिर भी शिक्षक फेल होते हैं, तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। हालांकि इस बार भी शिक्षक संगठनों ने परीक्षा का विरोध किया। विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन भी दिया है कि शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति नहीं दी जाएगी।इधर, दक्षता आंकलन परीक्षा को लेकर जारी सूची में विसंगति को लेकर शिक्षकों में आक्रोश है।दतिया (Datia) व रीवा (Rewa) सहित कई जिलों में शिक्षकों ने परीक्षा का भी विरोध किया।

बता दें कि इस परीक्षा में सभी शिक्षकों को पूर्ण रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है और अनुपस्थित होने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस परीक्षा में सबसे ज्यादा भिंड जिले से, दूसरे नंबर पर बेतूल और तीसरे नंबर पर अलीराजपुर से शिक्षक शामिल होंगे। इससे पहले 2019 में भी शिक्षक की दक्षता परीक्षा ली गई थी। जहां को शिक्षकों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति (Retirement) दे दी गई थी।