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भोपाल में फिर पेयजल संकट, दो दिन से बूंद-बूंद पानी को तरसी करीबन 10 लाख की आबादी

Written by:Harpreet Kaur
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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भीषण गर्मी में राजधानी भोपाल की करीब 10 लाख आबादी एक बार फिर पेयजल को तरस रही है, कुछ दिनों पहले ही भोपाल की करीबन 12 लाख आबादी को कोलार पाइपलाइन में सुधार कार्य कर चलते 4 से 5 दिन तक पेयजल नहीं मिला। वही एक बार फिर यही स्थिति बन गई है, आंधी-तूफान के कारण गुरुवार को जहानपुर के पास 132 केवीए लाइन के पांच टॉवर गिर जाने के कारण हिरानी स्थित पंप हाउस पर बिजली सप्लाई बाधित हो गई और नर्मदा लाइन से जुड़े इलाकों में पानी की सप्लाई ठप हो गई। पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने लाइन सुधारने के लिए 36 घंटे का शटडाउन लिया था, जिसके चलते शुक्रवार और शनिवार को घरों में पानी न आने की सूचना दी गई थी।  फिलहाल बताया जा रहा है कि सुधार का काम पूरा हो चुका है रविवार सुबह से लोगों को पेयजल मिलेगा।

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दो दिन से पानी न आने के चलते लोग खासे परेशान है, उनका आरोप है कि नगर निगम के टैंकर भी पानी लेकर नहीं आए और अगर लोग टैंकर मँगवाते है तो उसका बहुत ज्यादा पैसा वसूला जाता है। बूंद बूंद के लिए लोग तरस रहे है। हालांकि जहानपुर के पास टॉवर खड़े करने और लाइन जोड़ने का काम चल रहा है। बिजली कंपनी की 5 टीमों में करीब 450 अधिकारी-कर्मचारी इस काम में लगे हैं। शहर के सुभाषनगर, अन्नानगर, बावड़ियाकलां, अशोका गार्डन, जहांगीराबाद, बरखेड़ी, बाग उमराव दूल्हा, अरेरा कॉलोनी, गौतम नगर, टीला जमालपुरा, नारियलखेड़ा, नवीन नगर, शहंशाह गार्डन, एमपी नगर, रायसेन रोड के इलाके, होशंगाबाद रोड की कॉलोनियां समेत 125 से ज्यादा इलाकों में दो दिन से गंभीर जलसंकट बना हुआ है। शुक्रवार से ही लोग पानी को तरस गए। गर्मी में पानी की खपत भी बढ़ गई। इस कारण लोग रातभर पानी की जुगाड़ करते नजर आए। लोग मोटरसाइकिल, मैजिक, ऑटो से पानी की जुगाड़ करते हुए देखे जा रहे हैं। वहीं, ट्यूबवेल समेत निजी जलस्रोतों पर भी भीड़ लगी हुई है।

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