भोपाल| कोरोना (corona) संकटकाल के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के दावों पर अपनों ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं| बाहर फंसे मजदूरों को खाते में राशि डालने के सीएम के दावे पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव (Gopal Bhargav) ने सवाल उठाये तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamalnath) ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है|

दरअसल, शिवराज सरकार दावा कर रही है कि मज़दूरों के खातो में एक-एक हज़ार रुपये डाल दिये गये है , वही पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव इंकार कर रहे है कि उनके क्षेत्र में मज़दूरों के खाते में पैसे नहीं पहुँचे। भाजपा टास्क फोर्स की बैठक में भार्गव ने कहा कि मजदूरों के खाते में एक हजार रुपए देना अच्छा है, लेकिन उनके इलाके के मजदूरों की जो लिस्ट दी गई थी, उनके खाते में यह पैसा नहीं पहुंचा। भार्गव के बाद कमलनाथ ने सरकार से पूछा है कि आखिर सच्चाई क्या है| वहीं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के बयान से सियासत गरमाई हुई है|

कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा- ‘शिवराज सरकार दावा कर रही है कि मज़दूरों के खातो में एक-एक हज़ार रुपये डाल दिये गये है , वही पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव इंकार कर रहे है कि उनके क्षेत्र में मज़दूरों के खाते में पैसे नहीं पहुँचे’। पूर्व सीएम ने आगे लिखा- ‘आख़िर सच्चाई क्या है ? सरकार ऐसे संकट के दौर में अपनी घोषणाओं पर अमल करे , ग़रीब मज़दूरों के खाते में तत्काल राशि डाले’|