कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजयसिंह रघुवंशी की शिवराज से मांग, कहा खाद के बढ़े दाम तत्काल वापस ले सरकार

खाद के बढ़े हुए दामों को लेकर अजयसिंह रघुवंशी ने शिवराज सरकार से दामों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

बुरहानपुर, शेख रईस। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजयसिंह रघुवंशी (Ajay Singh Raghuvanshi) ने मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज (CM Shivraj) की सरकार से खाद के बढ़े हुए दामों को वापस लेने के लिए मांग की है। रघुवंशीने एक वीडियो जारी कर कहा कि कोरोनावायरस , पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत, सरसो रिफाइंड तेल और राशन सामग्री पर बढ़ती मंहगाई और प्रकृति की मार से गरीब व किसान परेशान है वहीं दूसरी तरफ किसानों के ऊपर खाद की बढ़ी कीमतें से दोहरी मार पड़ रही है। कांग्रेस मध्यप्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग करती है कि तुरंत खाद के बड़े हुए दाम वापस ले सरकार।

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कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजयसिंह रघुवंशी ने आगे कहा कि किसानों को एक बोरी डीएपी का मूल्य पहले 1200 था जो अब बढ़ा कर 1900 रुपये कर दिया है,यूरिया की बोरी 50 किलो की होती थी लेकिन अब उतने ही दाम में 45 किलो की बोरी बनने लगी है। सारे कृषि यंत्रों उपकरणों में 18% जीएसटी लगाई जा रही है। किसानों के ट्रैक्टर डीजल से ही चलते हैं डीजल के दाम आसमान छू रहे है, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जहां किसानों को मदद का आश्वासन दे रहे हैं तो वहीं मध्य प्रदेश सरकार खाद के दाम बढ़ाकर किसानों पर बोझ लादने का काम कर रही है। रघुवंशी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने न केवल डीएपी बल्कि अमोनिया सल्फर यूरिया और पोटाश के मिश्रण वाले उर्वरकों के मूल्य में भी 58% की भारी वृद्धि कर दी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजयसिंह रघुवंशी ने कहा कि उर्वरकों की कीमतों में वृद्धि से न सिर्फ किसान प्रभावित होंगे बल्कि खेती में लागत बढ़ने से अनाज और सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे है और महंगाई बढ़ेगी। किसानों की आय दुगुनी करने का वादा करने वालों के शासन में किसानों की लागत जरूर दोगुनी हो गई है। उन्होंने मांग की है कि प्रदेश सरकार किसान हित में तत्काल खाद की कीमतें बढ़ाने का निर्णय वापस ले।

कांग्रेस के प्रदेश सचिव अमित द्विवेदी ने भी की थी मांग

बता दें कि इस से पहले कांग्रेस के प्रदेश सचिव अमित द्विवेदी (Amit Dwivedi) ने भी शिवराज को तत्काल खाद के बढ़ी हुई कीमतों पर पुनर्विचार कर वापस लेने का आग्रह किया था। द्विवेदी ने कहा था कि नए कृषि कानून, कोरोनावायरस,पेट्रोल – डीजल की बढ़ती कीमत,सरसो रिफाइंड तेल एवम राशन सामग्री पर बढ़ती महंगाई से किसान परेशान है वहीं दूसरी तरफ किसानों के ऊपर खाद की बढ़ती कीमतों से दोहरी मार पढ़ रही है। द्विवेदी ने कहा कि उर्वरकों की कीमतों में वृद्धि से न सिर्फ किसान प्रभावित होंगे बल्कि खेती में लागत बढ़ने से अनाज और सब्जियों के दाम भी आसमान लेंगे और महंगाई बढ़ेगी । इसके मद्देनजर उन्होंने मांग की है कि प्रदेश सरकार किसान हित में तत्काल खाद की कीमतें बढ़ाने का निर्णय वापस ले।

वही प्रदेश सचिव अमित द्विवेदी ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा था कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार व भाजपा की शिवराज सरकार ने वादा किया था कि किसानों की आय दोगुनी करेंगे, लेकिन किसानों की फसल का मूल्य तो नहीं बढ़ा बल्कि रासायनिक खादों का मूल 2 गुना तक बढ़ा दिया गया है। इस तरह से तानाशाही पूर्वक सरकार किसानों के ऊपर वज्रपात कर रही है। अब किसानों की लागत का मूल्य दोगुना हो जाएगा और किसान कर्ज के बोझ के तले दब जाएगा। जबकि कोरोना महामारी में शिवराज सरकार को चाहिए कि किसानों के कर्ज को माफ कर मुफ्त में एक सीजन का खाद बीज और उर्वरक की मात्रा उपलब्ध कराती। जिस तरह से कोरोनावायरस के चलते देश का गरीब मजदूर किसान इस रहा है और महंगाई की बढ़ती मार से रोटी के लाले पड़ रहे हैं किसान शिवराज सिंह व नरेंद्र मोदी को कभी माफ नहीं करेंगे।

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