बुरहानपुर के मिनी व्यापमं में पूर्व सीईओ अनिल पवार गिरफ्तार, रिमांड पर भेजे गए

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बुरहानपुर। शेख रईस| बुरहानपुर के बहुचर्चिच फर्जी शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में जांच कर रही एसआईटी जांच समिति ने अपनी जांच तेज कर दी है, मंगलवार दिनभर बुरहानपुर जनपद सीईओ अनिल पवार से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने अनिल पंवार को देर रात गिरफ्तार कर बुधवार को सीजीएम अनिल चौहान की कोर्ट में पेश किया कोर्ट ने आरोपी सीईओ अनिल पंवार को 30 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है सूत्रों के मुताबिक इस मामले अब दिन ब दिन नई परतें खुलेंगी

गौरतलब है कि वर्ष 2008 09 में बुरहानपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की भर्ती हुई थी जिसमें धांधली के चलते जिला पंचायत सीईओ तक 150 शिक्षकों के द्वारा फर्जी दस्तावेज व फर्जी प्रक्रिया के आधार पर शिकायत पहुंची थी तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ शीलेंद्र सिंह ने इस की गहन जांच कराई सभी शिक्षकों को अपने अपने दस्तावेजों का सत्यापन करने का फरमान जारी किया इसमें अधिकतक शिक्षक नहीं पहुंचे और कुछ नियुक्ति पत्र व आवश्यक दस्तावेज फर्जी निकले लिहाज 67 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया जिन शिक्षकों ने अपने मार्कसीट में कुटरचना की गई ऐसे तीन शिक्षकों को  पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है 

बुधवार सुबह नवीन पुलिस कंट्रोल रूम में सीएसपी प्रदीप विश्वकर्मा कोतवाली टीआई आरएस बघेल ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया मामले की अनुसंधान में मंगलवार को सीईओ अनिल पंवार से पूछताछ की व रात 11 बजे गिरफ्तार किया सीएसपी प्रदीप विश्वकर्मा ने बताया संविदा शिक्षक पद के लिए 5 हजार आवेदन आए आवेदनो की स्कूटनी की जाने के संबंध में तत्कालीन कलेक्टर ने समिति गठित की जिसमें एसडीएम बुरहानपुर, अध्यक्ष शिक्षा समिति बुरहानपुर जनपद पंचायत शिक्षा समिति के दो सदस्य मंडल संयोजक आदिम जाति कल्याण के अधिकारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया उक्त प्रक्रिया परीक्षण में दूषित पाई गई  उपरोक्त प्रक्रिया दूषित होने के बाद अनिल पवार ने अनदेखा कर काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थियों को बिना सूचना पीटीआर दिए मौखिक रूप से बुलाया गया तथा  3 मार्च 1010 को 88 अभ्यर्थियों के अतिरिक्त 88 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र विधिय विरूध्द जारी किए गए इस प्रकार अब तक कि जांच में 117 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र विधि विरूध्द जारी किए गए इस प्रकार् अबतक कि जांच में 117 अभ्यर्थियों की जांच में संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया दूषित प्रमाणित पाई गई तथा विगत 8 सालों से इन 117 अभ्यार्थियों द्वारा संविदा शाला में नियुक्त कर शासन के  खजाने से करोडों रूपए आहरित कर शासन को हानी पहुंचाई  गई  उपरोक्त विवेचना एवं दस्तावेजों से आरोपी अनिल पंवार के विरूध्द धारा 420 120 बी 409 आईपीएस एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(ए) प्रमाणित पाया जाने से दिनांक 26 मार्च 2019 के रात्री 11 बजे गिरप्तार किया गया जिन्हें सीजीएम अनिल चौहान की कोर्ट में पेश किया गया 30 मार्च से रिमांड पर भेज दिया गया।