कांग्रेस नेता हत्या मामले में IG ने घोषित किया 30 हजार का इनाम, दिग्विजय सिंह ने गांव पहुंचकर जताई थी नाराजगी

इन्द्रप्रताप सिंह परमार छोटेराजा की हत्या को आज 3 दिन गुजरने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। हत्या की इस वारदात में पुलिस ने 6 लोगों के विरूद्ध FIR दर्ज की है।

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छतरपुर, संजय अवस्थी। 16 मार्च की रात बड़ामलहरा के आयुष ढाबे के समीप  कांग्रेस (congress) नेता इन्द्रप्रताप सिंह परमार छोटेराजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन दिन गुजरने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। हत्या की इस वारदात में पुलिस ने 6 लोगों के विरूद्ध FIR दर्ज की है। विगत रोज छोटेराजा के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ग्राम पठिया में पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा को बुलाकर इस घटनाक्रम के प्रति गहरी नाराजगी जताई थी। शुक्रवार को इस मामले में पुलिस ने दो नए कदम उठाए हैं। अब आरोपियों की गिरफ्तारी कराने एवं सूचना देने पर IG अनिल शर्मा ने 30 हजार रूपए का इनाम घोषित कर दिया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के द्वारा पहले ही 10 हजार रूपए का इनाम घोषित किया गया था।

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शुक्रवार को हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए बनाई गई 21 सदस्यीय पुलिस अधिकारियों की टीम ने कई स्थानों पर छापेमार कार्यवाही की। टीम में शामिल ओरछा रोड थाना प्रभारी माधवी अग्रिहोत्री ने हत्यारोपियों के गांव भुजपुरा, पठिया में मुनादी कराते हुए लोगों को इनाम घोषणा की सूचना दी। हत्यारोपियों के घर के बाहर उनकी फोटो सहित इनामी उद्घोषणा के पोस्टर भी चिपकाए गए। इस मामले में पुलिस ने हाकिम सिंह, मोरपाल सिंह, इमरत लोधी, रामकृपाल लोधी, हरदेव सिंह, हरिचरण लोधी पर हत्या का मुकदमा कायम किया है।

दिग्विजय सिंह के दौरे के बाद बढ़ाई गई परिवार की सुरक्षा
बीती शाम प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने ग्राम पठिया पहुंचकर मृतक कांग्रेस नेता छोटेराजा के बच्चों और परिवार के लोगों से मुलाकात की। इस मौके पर उन्हें बताया गया कि हत्यारोपियों ने पांच साल पहले छोटेराजा के बड़े भाई भगवत सिंह की हत्या कर दी थी। गांव में ही एक अहिरवार परिवार के सदस्य की हत्या एवं एक अन्य अहिरवार की नाक काट ली थी। इन आपराधिक वारदातों के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पायी है। जिसके कारण उन्होंने छोटेराजा को भी मौत के घाट उतार दिया। उक्त जानकारियां सुनकर दिग्विजय सिंह गांव में ही बैठ गए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा को मौके पर बुलाया और उन पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मीडिया को दिए बयान में कहा कि ग्राम पठिया के जुल्म झेल रहे ठाकुर और अहिरवार परिवार आज से मेरे परिवार हैं। यदि इनको किसी ने हाथ लगा लिया तो उसकी दुश्मनी दिग्विजय सिंह से होगी। दिग्विजय सिंह ने परिवार को चार पुलिसकर्मियों की सुरक्षा दिए जाने पर भी नाराजगी जताई जिसके बाद अब परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

 

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